उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति पर झूठ बोल रही है सपा सरकार: डाॅ0 मसूद

उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति पर झूठ बोल रही है सपा सरकार: डाॅ0 मसूद

लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव डाॅ0 मसूद अहमद ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुये कहा कि वर्तमान उ0प्र0 सरकार ने सिर्फ और सिर्फ जनता को गुमराह करने का पेशा बना लिया है न तो नहरों में पानी है और न तो किसानों को बिजली मिल रही है। भ्रष्टाचार का बोलबाला है वह अपने चरम पर है। कानून व्यवस्था का भी यही हाल है।

डाॅ0 मसूद ने आगे कहा कि उ0प्र0 सूखे की चपेट में है किसानों की तरफ ध्यान देने के बजाय सैफई में मुलायम सिंह का जन्मदिन मनाने में पूरी सरकार लगी हुयी है। करोड़ों रूपये सैफई में खर्च किया जा रहा है सिर्फ ए. आर. रहमान की टीम जो सैफई में आई है उसकी टीम का आने जाने का खर्च दो करोड़ रूपये है। गुजरात, बिहार और महाराष्ट्र से खाना बनाने वाले बुलाए गये हैं। अगर यही पैसा किसानों को बीज देने के लिए दिया जाता तो पूरे प्रदेष के किसानों को बीज मुफ्त में मिल जाते जिससे किसानों का भला होता परन्तु इस सरकार ने प्रदेश  को अपनी जागीर समझ लिया। आज वो औपचारिकताएं भी निभाना भूल गये हैं। नीतीष के शपथ ग्रहण में पूरे देश  के लोग जुटे लेकिन हमारे प्रदेश  के मुख्यमंत्री औपचारिकता निभाना भी भूल गये हैं। बिहार जाने के बजाय सैफई में संगीतकार ए आर रहमान का स्वाागत करने चले गये, यह दुख की बात है। 

उन्होंने आगे कहा कि जिन मंत्रियों को भ्रष्टाचार के आरोप में हटाया उन्हें दूसरा विभाग देकर शिफ्ट  कर दिया गया। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री को बेसिक शिक्षा विभाग दिया है। मंत्री जी न चार हजार उर्दू शिक्षकों की भर्ती की बात कही है। उर्दू की पांच हजार जगहे जो उर्दू शिक्षक रिटायर हो गये हैं वह पहले से ही खाली है। उनकी नियुक्ति हो जानी चाहिए थी परन्तु अभी तक ऐसा नहीं हुआ। मंत्री जी का यह कहना कि उर्दू को रोजी रोटी से जोड़ने और दस हजार शिक्षकों की भर्ती मुलायम सिंह ने किया, वह गलत है। गठबन्धन सरकार (सपा व बसपा) में मैं बसपा कोटे से मंत्री थे। जिसमें समाजवादी पार्टी का कोई दखल नहीं था। इस काम को मैने किया। मैने आदीब कामिल, अदीब, फाजिल, मौलवी, मुंशी , मौलाना और मुअल्लीम को हाईस्कूल, इण्टर, बी0ए0, एम0ए0 और बी0टी0सी0 के बराबर किया उस काम को मैने मंत्री रहते हुये किया। मेरे जाने के बाद आज तक उर्दू के सम्बन्ध में कोई काम नहीं हुआ। दूसरे लोग बिना वजह इसका श्रेय लेने का काम कर रहे हैं। 

Lucknow, Uttar Pradesh, India