21 वीं सदी एशिया की होगी: पीएम मोदी

21 वीं सदी एशिया की होगी: पीएम मोदी

कुआलालंपुर: तीन दिन के मलेशिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसियान बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए कहा कि 21 वीं सदी एशिया की होगी। साथ ही पीएम ने कहा कि आसियान बड़ा पावर हाउस बना सकते हैं।

पीएम ने भारत-आसियान को नेचुरल पार्टनर बताते हुए उसकी तारीफ करते हुए कहा कि आसियान का ट्रैक रिकार्ड अच्‍छा रहा है और उसके हर देश ने अच्‍छा काम किया है। पीएम ने कहा, भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के आगे चुनौतियां हैं, लेकिन भारत में विकास हुआ, महंगाई कम हुई। हमारी नीतियों से देश को फायदा हुआ है और भारत में बदलाव मेरा लक्ष्‍य है। हमारा लक्ष्‍य सुधार नहीं, बदलाव है।

पीएम ने समिट को संबोधित करते हुए आगे कहा, भारत सरकार पीपीपी मॉडल के समर्थन में है। हम भारत को मैन्‍युफैक्‍चरिंग का हब बनाएंगे। भारत में निवेश मजबूत हुआ है। एफडीआई में 40 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। हमारी सरकार टैक्‍स फ्री इंफ्रास्‍टक्‍चर लेकर आएगी। अब मूडी एजेंसी ने भी भारत की रेटिंग बढ़ा दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा, हमने भारत में हर गरीब को घर देने का लक्ष्‍य रखा है। हमने मेक इन इंडिया और स्‍टार्ट अप इंडिया मुहिम की शुरुआत की। भारत के राज्‍य अब दुनिया से जुड़ गए हैं। हर रोज 23 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया के तीन दिवसीय दौरे के तहत आज यहां पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत मलेशिया में भारतीय उच्चायुक्त टी एस तिरूमूर्ति ने किया। मलेशिया पहुंचने पर मोदी ने ट्वीट किया, 'कुआलालंपुर पहुंच गया हूं। आज के कार्यक्रमों में आसियान उद्यम एवं निवेश शिखर सम्मेलन और 13वां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन एवं आमने-सामने की बैठकें शामिल हैं।' भारतीय प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पूरे कुआलालंपुर में बड़े-बड़े बिलबोर्ड लगे हैं।

भारतीय मूल के स्थानीय लोगों में और प्रवासी भारतीयों में मोदी से मिलने के लिए बेहद उत्सुकता दिखी। कम से कम 50 लोग रीनेसन्स होटल के बाहर इंतजार करते रहे। पीएम मोदी इसी होटल में ठहरे हुए हैं। इंतजार करने वालों में अधिकतर लोग भारतीय मूल के थे। भारतीय प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए और उनकी तस्वीर अपने कैमरे में कैद कर लेने के लिए ये लोग अपने मोबाइल फोनों को उपर करके खड़े हुए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस तीन दिवसीय मलेशिया यात्रा में आतंकवाद, मानव तस्करी, समुद्री सुरक्षा, दक्षिण चीन सागर विवाद और व्यापार पर बात करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी पूर्वी एशिया शिखर-सम्मेलनों शक्तिशाली क्षेत्रीय समूहों को भी संबोधित करेंगे।