उर्दू तहजीब और संस्कारों की ज़ुबान: आज़म खान

उर्दू तहजीब और संस्कारों की ज़ुबान: आज़म खान

‘जंग-ए-आज़ादी में उर्दू अखबारों का किरदार’ विषय पर सेमिनार का आयोजन 

लखनऊ: प्रदेश के नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री, मोहम्मद आज़म खाँ ने कहा कि उर्दू भाषा का जंगे-आजादी में बहुत ही अहम रोल रहा है। इतना अहम कि इसे किसी भी सूरत में कभी भुलाया नही जा सकता है। उन्होंने कहा कि उर्दू को संघर्ष, इंकिलाब, और प्यार-मोहब्बत की भाषा बनाने में न सिर्फ मुसलमानों का बल्कि हिन्दुओं का भी उल्लेखनीय योगदान रहा है। उर्दू तहजी़ब और संस्कारों की जुबान है।

श्री आज़म खाँ आज यहाँ पर्यटन भवन में कौमी कौंसिल बराए फ़रोग-ए-उर्दू जुबान तथा उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के संयुक्त तत्वाधान में अखिल भारतीय मानव संस्थान द्वारा ‘जंग-ए-आज़ादी में उर्दू अखबारों का किरदार’ विषय पर आयोजित एक सेमीनार को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज चंद लोग प्यार-मोहब्बत और तहज़ीब की इस ज़बान को मज़हब से जोड़कर इसे तिरस्कार की नज़र से देखते हैं। उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं जो आज संस्कार हीन और अशिष्ट शब्दों का खुले आम प्रयोग कर न केवल देश में नफ़रत का माहौल पैदा करने के कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, बल्कि विदेशों में देश की छवि को भी धूमिल कर रहे हैं। उनके इस अशिष्ट और मर्यादाहीन कृत्य की बड़े पैमाने पर निंदा की जानी चाहिए।

उर्दू को फ़रोग दिये जाने के सिलसिले में नगर विकास मंत्री ने कहा कि लोगों को चाहिये कि वे इसे अपनी रोजमर्रा की जुबान बनाये। यह रवादारी की जुबान है। यह लोगों के बीच में दूरियां मिटाती है और रिश्तों को और मज़बूत बनाती है। इस मौके पर उन्होंने तालीम के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा शिक्षा और सिर्फ शिक्षा ही सारी समस्याओं से निजात दिला सकती है। लोग स्कूल और कालेजों की स्थापना के लिये आगे आयंे। इस कार्य में लोगों को मदद देने का उन्होंने आश्वासन दिया।

इस अवसर पर पत्रकार गुफ़रान नसीम और क़ुतुबुल्लाह ने आज़ादी की लड़ाई में उर्दू अखबारों के किरदार पर अपने शोधपत्र पढ़ कर तत्कालीन उर्दू अखबारों के किरदार पर विस्तार से रोशनी डाली। सेमीनार में इरशाद सकाफी  मौलाना शब्बीर अहमद रिजवी, मोहम्मद अबू अशरफ ज़ीशान इंजीनियर शुजात अली क़ादरी  कारी मोहम्मद तैयब जिया अशरफी इमरान सफ़वी, तुफैल अहमद ने  शिरकत किया । संगोष्ठी का संचालन नूरैन अली हक़ दिल्ली ने किया। अंत में सेमीनार के आयोजक मोहम्मद नय्यर आज़म ने मुख्य अतिथि के प्रति आभार व्यक्त किया।

Lucknow, Uttar Pradesh, India