मुंबई में होगी सीरीज़ जीतने की जंग

मुंबई में होगी सीरीज़ जीतने की जंग

मुंबई : भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही वनडे सीरीज में दो-दो की बराबरी के बाद पांचवे और निर्णायक मैच में बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

चौथे मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 35 रन की आसान जीत दर्ज कर भारत ने सीरीज में बराबरी हासिल की थी। रविवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले सीरीज के आखिरी मुकाबले में लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगी। वैसे वानखेड़े के आंकड़े भारत के पक्ष में हैं। इस मैदान पर दोनों के बीच हुए तीनों मुकाबले में भारत ने जीत दर्ज की है।

दोनों टीमों के मुख्य खिलाड़ी चोटों की समस्या से जूझ रहे हैं। भारत के शीर्ष ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन कानपुर में पहले वनडे के बाद चोटिल हो गए थे, हालांकि अनुभवी स्पिनर हरभजन सिंह ने काफी हद तक उनकी कमी की भरपाई की है। दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के ऑलराउंडर डुमिनी को 18 अक्टूबर को राजकोट में तीसरे वनडे के दौरान हाथ में चोट लगी थी, जिसके कारण वह पिछला मैच नहीं खेल पाए। 

राजकोट में ही 39 रन देकर चार विकेट चटकाते हुए दक्षिण अफ्रीका की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल भी चेन्नई में नहीं खेल पाए और टीम को उनकी कमी काफी खली। मोर्कल की जगह खेलने वाले क्रिस मौरिस उतने प्रभावी नहीं दिखे। वह ना तो मोर्कल की तरह रन गति में विराम लगा पाए और ना ही विकेट हासिल करने में उतने प्रभावी दिखे। मोर्कल का अंतिम मैच में खेलना भी संदिग्ध है क्योंकि मेहमान टीम 5 नवंबर से मोहाली में शुरू हो रही टेस्ट सीरीज के लिए उन्हें पूरी तरह फिट देखना चाहती है।

वहीं विराट कोहली के फॉर्म में लौटने से भी भारत ने राहत की सांस ली है। राजकोट में तीसरे वनडे में 77 रन की पारी खेलने के बाद कोहली ने चेन्नई में 140 गेंद में 138 रन बनाए थे। कोहली और शानदार फार्म में चल रहे रोहित शर्मा के अलावा भारत की बल्लेबाजी क्रम में अजिंक्य रहाणे की भूमिका भी अहम रहेगी। रोहित ने श्रृंखला में अब तक 239 जबकि कोहली ने 238 रन बनाए हैं।

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (चार मैचों में 61.66 की औसत से 185 रन) भी अच्छी फॉर्म में है, जबकि सुरेश रैना ने पहले तीन मैचों में सिर्फ दो रन बनाने के बाद चेन्नई में 53 रन की पारी खेली थी। सलामी बल्लेबाज शिखर धवन की खराब फॉर्म हालांकि टीम इंडिया के लिए चिंता का सबब है।

दक्षिण अफ्रीका के भी दो शीर्ष बल्लेबाज हाशिम अमला और डेविड मिलर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। स्पिन के अच्छे खिलाड़ी माने जाने वाले अमला अब तक चार मैचों में सिर्फ 66 रन जोड़ पाए हैं जबकि चेन्नई में पारी की शुरुआत करने वाले मिलर के नाम पर सिर्फ 53 रन दर्ज हैं।

कप्तान एबी डिविलियर्स हालांकि शानदार फॉर्म में हैं और उन्होंने चेन्नई में 300 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए शतक जड़कर दक्षिण अफ्रीका को मैच में बनाए रखा था। डिविलियर्स ने भारत की स्पिन तिकड़ी का काफी अच्छी तरह सामना किया और वह उम्मीद करेंगे कि अन्य बल्लेबाज भी उनके नक्शेकदम पर चलेंगे।

भारत चेन्नई की तरह अंतिम वनडे में भी तीनों स्पिनरों हरभजन (तीन मैच में पांच विकेट), अक्षर पटेल (तीन मैच में पांच विकेट) और अमित मिश्रा (तीन मैचों में चार विकेट) को उतार सकता है और ये तीनों बीच के ओवरों में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों पर कैसे लगाम कसते हैं यह एक बार फिर महत्वपूर्ण होगा।

हालांकि भारत का तेज गेंदबाजी आक्रमण उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया है। मोहित शर्मा ने तेज गेंदबाजों में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन भुवनेश्वर कुमार काफी महंगे साबित हुए हैं। अंतिम दो मैचों के लिए टीम में श्रीनाथ अरविंद को शामिल किया गया था और भारत अंतिम मैच में बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज को मौका दे सकता है।

इमरान ताहिर की अगुआई वाला दक्षिण अफ्रीका का स्पिन गेंदबाजी आक्रमण हालांकि भारत की तरह प्रभावी नहीं रहा है और मेहमान टीम अंतिम मैच में बायें हाथ के धीमे गेंदबाज डीन एल्गर को खिला सकती है जिन्हें डुमिनी के विकल्प के तौर देखा जा रहा है।

आरोन फांगिसो ने चेन्नई में पिछले मैच में बायें हाथ की स्पिन गेंदबाजी से प्रभावित किया और उन्हें एक और मौका दिया जा सकता है लेकिन डुमिनी की गैरमौजूदगी से टीम का संतुलन प्रभावित हुआ है। मेहमान टीम अब सही संतुलन के साथ उतरकर भारत में पहली बार द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगी। दक्षिण अफ्रीका इससे पहले तीन बार (1991-92, 1999-2000 और 2009-10) भारत में सीरीज हार चुका है, जबकि 2005-06 में श्रृंखला ड्रॉ रही थी।