फरीदाबाद में मासूम बच्चों को जला कर मारना जघन्य अपराध: दारापुरी

फरीदाबाद में मासूम बच्चों को जला कर मारना जघन्य अपराध: दारापुरी

लखनऊ: फरीदाबाद के सनपेडा गाँव में दो मासूम दलित बच्चों की जला कर हत्या एक जघन्य अपराध है. यह बात आज एस.आर.दारापुरी पूर्व आई.जी. राष्ट्रीय प्रवक्ता, आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने प्रेस विज्ञप्ति में कही है. उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह हरियाणा सरकार द्वारा दलितों की घोर उपेक्षा का परिणाम है. अगर सरकार ने दलितों द्वारा अपने ऊपर सवर्णों द्वारा संभावित हमले की शिकायत पर सुरक्षा की उचित व्यवस्था की होती तो यह जघन्य घटना घटित न हो पाती. 

उन्होंने आगे कहा है कि हरियाणा में दलितों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं. इस प्रकार की कई बड़ी घटनाये दुलीना में गोहत्या के नाम पर चार दलितों की पिट पिट कर मार  दिया गया था. मिर्ची पुर में दलितों के घरों को जलाया गया था जिस में एक दलित जल कर मर गया था. भागना में चार दलित लड़कियों को अगवा कर के सामूहिक बलात्कार किया गया था परन्तु इन घटनाओं के दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाही न होने के कारण दलितों पर अत्याचार निर्बाध रूप से हो रहे हैं. इस के लिए वर्तमान भाजपा सरकार का दलित विरोधी रवैया ख़ास तौर पर ज़िम्मेदार है. अतः आइपीऍफ़ मांग करती है कि सनपेडा गाँव की घटना के दोषियों को जल्दी से जल्दी गिरफ्तार किया जाये और दलितों की खतरे की शिकायत पर उचित कार्रवाही न करने वाले अधिकारियों को दण्डित किया जाये.

Lucknow, Uttar Pradesh, India