कवियों को सम्मान आसानी से नहीं मिलता: नाईक

कवियों को सम्मान आसानी से नहीं मिलता: नाईक

राज्यपाल ने डाॅ0 अशोक चक्रधर व हसन कमाल को रामस्वरूप ‘सिंदूर‘ सम्मान से अलंकृत किया

लखनऊः उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, राम नाईक ने आज सिंदूर मेमोरियल अकादमी, लखनऊ द्वारा प्रख्यात गीतकार स्व0 प्रो0 रामस्वरूप ‘सिंदूर‘ की 85वीं जयंती पर आयोजित प्रो0 रामस्वरूप ‘सिंदूर‘ सम्मान समारोह 2015 में हिन्दी के प्रख्यात लेखक एवं कवि डाॅ0 अशोक चक्रधर तथा उर्दू के जाने माने शायर एवं गीतकार हसन कमाल को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र व नगदी पुरस्कार देकर सम्मानित किया। समारोह का आयोजन राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में किया गया था।

राज्यपाल ने समारोह में आयोजित कवि सम्मेलन एवं मुशायरे के कवियों एवं शायरों, जिनमें शिव ओम अंबर, प्रो0 वसीम बरेलवी, डाॅ0 धनंजय, डाॅ0 माजिद देवबंदी, डाॅ0 तारिक कमर, श्री देवेन्द्र सफल, फारूक जायसी, शहनाज हिन्दुस्तानी, बृजेन्द्र नाथ श्रीवास्तव व अन्य कलाकारों को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

श्री नाईक ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रो0 रामस्वरूप ‘सिंदूर‘ ने जो साहित्य की सेवा की है वह अपने आप में बड़ी बात है। प्रो0 रामस्वरूप की साहित्य सेवा को देखते हुए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। कवियों को सम्मान आसानी से नहीं मिलता, मगर प्रेक्षागृह में श्रोताओं की उपस्थिति देखकर सहजता से उनकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रो0 रामस्वरूप का राजभवन से भी बड़ा करीब का रिश्ता था। पूर्व राज्यपाल स्व0 विष्णुकांत शास्त्री के पास वे बराबर आते रहते थे। उन्होंने कहा कि ‘ऐसे कवि को मैं अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।‘ 

समारोह में अकादमी के अध्यक्ष डाॅ0 महमूद रहमानी, मुख्य संरक्षक पद्मश्री इरशाद मिर्जा तथा उस्ताद युगान्तर ‘सिंदूर‘ सहित अन्य साहित्यप्रेमी जन भी उपस्थित थे।

Lucknow, Uttar Pradesh, India