खेल मैदान की चोट जीवन में कठिनाइयों से लडने की शक्ति देती है: नाईक

खेल मैदान की चोट जीवन में कठिनाइयों से लडने की शक्ति देती है: नाईक

राजभवन में खिलाड़ी सम्मान समारोह आयोजित, 22 खिलाड़ी, प्रशिक्षक व टीम मैनेजर सम्मानित

लखनऊ: वीर बहादुर सिंह पूर्वान्चल विश्वविद्यालय, जौनपुर द्वारा राजभवन लखनऊ के गांधी सभागार में शुक्रवार को खेल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘‘खिलाड़ी सम्मान समारोह’’ में कुलाधिपति एवं राज्यपाल उत्तर प्रदेश राम नाईक ने विश्वविद्यालय के 22 खिलाडि़यों, उनके प्रशिक्षक एवं टीम मैनेजर को स्वर्ण और रजत पदक से सम्मानित किया।

 इस अवसर पर अपने सम्बोधन उन्होंने  कहा कि खेल के प्रति जो आस्था और लगन हॉकी  के जादूगर मेजर ध्यानचंद की थी वैसी ही आस्था आपको आज खेल के साथ -साथ जीवन के हर क्षेत्र में दिखाने की जरुरत है। खिलाडी खेल के मैदान में चोटिल होकर जो सीख लेता है वह सीख उसे जीवन में कठिनाइयों से लडने की शक्ति देती है। उन्होंने कहा कि  विगत वर्ष भी मैंने राजभवन में इसी स्थान पर आपके विश्वविद्यालय के 17 खिलाडि़यों को खेल में स्वर्णपदक से अलंकृत किया था। मुझे खुशी है कि इस बार मैंने 22 खिलाडि़यों को सम्मानित किया है। स्वर्ण एवं रजत पदक से अलंकृत होने वाले युवा साथियो को मैं शुभाशीष के साथ उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। साथ ही अपेक्षा करता हूं, कि आप अपने जीवन मूल्यों, आदर्शों एवं सद्कार्यों द्वारा  अपने कॉलेज, विश्वविद्यालय, गांव, जनपद, प्रदेश एवं देश के गौरव को हमेशा बढ़ाते रहेंगे। विश्वविद्यालय एक ऐसा शैक्षणिक केन्द्र है, जहां विद्यार्थियों को न केवल शिक्षा, अपितु उनके जीवन में नये-नये आयाम विकसित करने का अवसर दिया जाता है। आप विश्वविद्यालय में  रहकर अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं, आगे बढ़ सकते है। विश्वविद्यालय आपको अवसर अवश्य प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबी कीडा नहीं होना है। विभिन्न क्षेत्रों में कठिन परिश्रम कर आप आगे जा सकते है। स्वामी विवेकानंद जी से प्रेरणा लेकर आप अपने विचार की शक्ति एवं संस्कृति से पूरी दुनिया में भारत को आगे रख सकते है। विवेकानंद जी ने अपने शिकागो उदबोधन से पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति से परिचित कराया था। 

उन्होंने कहा कि मुझे जानकारी मिली  कि विगत वर्ष यहां पर सम्मानित हुए खिलाडि़यों को अपने महाविद्यालयों एवं गांवों में बहुत अधिक आशीर्वाद, स्नेह एवं सम्मान मिला । इस प्रोत्साहन का नतीजा है कि इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर इस विश्वविद्यालय ने क्रिकेट में प्रथम एवं हाॅकी (पुरूष) में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त कई अन्य प्रतियोगिताओं में स्वर्णपदक प्राप्त किये। मुझे प्रसन्नता है कि वीर बहादुर सिंह पूर्वान्चल विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के  विश्वविद्यालयों में खेल के क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर है।

समारोह में स्वागत करते हुए वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल नें कहा कि  इस विश्वविद्यालय के पुरा विद्यार्थियों ने पठन-पाठन, कला, साहित्य, विज्ञान, वाणिज्य, प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपना प्रमुख स्थान बनाया है। इस प्रतिस्पर्धा के युग में किसी भी विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है कि उसे उत्तम कक्षायें, प्रयोगशाला, पुस्तकालय के अतिरिक्त शिक्षण से इतर, गतिविधियों में भी भाग लेने का अवसर मिले। विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न क्रीड़ा, एनएसएस, रोवर्स एवं रेंजर की प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन कर, विद्यार्थियों को उनके व्यक्तित्व विकास का पूर्ण अवसर प्रदान किया जाता है। सत्र 2014-2015 में खेलों के अतिरिक्त विश्वविद्यालय की दोनों टीम रोवरिंग एवं रेंजरिंग में प्रदेश में प्रथम स्थान पर रही। इस वर्ष 26 जनवरी की गणतंत्र परेड में एन.एस.एस. के एक विद्यार्थी ने भाग लिया। सत्र 2015-16 से संस्कृति एवं कला से जुड़ी प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन करने की योजना है। विद्यार्थियों को उच्च कोटि के प्रशिक्षण हेतु न केवल महाविद्यालयों के अध्यापक, अपितु वाह्य प्रशिक्षकों की भी सहायता लेते हुए उत्तम कोटि के उपकरणों एवं स्टेडियम की व्यवस्था से विश्वविद्यालय में खेलकूद का एक स्तरीय वातावरण निर्मित किया गया है।

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व सचिव क्रीडा परिषद डॉ देवेन्द्र सिंह ने खेल परिषद की वार्षिंक प्रगति आख्या प्रस्तुत की। समारोह की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्जवलित कर की गयी। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। समारोह का संचालन  कुलसचिव डा. बीके पाण्डेय एवं क्रीडा परिषद के अध्यक्ष डा. शिवशंकर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर माननीया कुंडा नाईक, प्रमुख सचिव कुलाधिपति सुश्री जूथिका पाटणकर, सचिव राज्यपाल चन्द्रप्रकाश, कार्यपरिषद, वित्त समिति एवं खेलकूद परिषद के सदस्यगण, पूविवि के शिक्षक, वित्त अधिकारी एमके सिंह सहित विश्वविद्यालय एवं राजभवन के अधिकारीगण शामिल रहे।

Lucknow, Uttar Pradesh, India