राधे मां को मिली अग्रिम जमानत

राधे मां को मिली अग्रिम जमानत

मुंबई। खुद को देवी का अवतार बताने वाली राधे मां को बड़ी राहत मिली है। मुंबई हाईकोर्ट ने 30 हजार रूपए के निजी मुचलके पर अग्रिम जमानत दे दी है। वहीं कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि 19 व 26 अगस्त को उन्हें पुलिस के सामने पेश होना होगा। इससे पहले डिंडोसी सेशन कोर्ट ने गुुरूवार को राधे मां की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। उधर, दहेज उत्पीड़न केस में फंसी राधे मां पूछताछ के लिए कांदीवली पुलिस थाने पहुंची। वह अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ थाने पहुंची थी। कड़ी सुरक्षा में पुलिस ने राधे मां से पूछताछ की।

मुंबई की एक महिला ने राधे मां पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि राधे मां ने दहेज के लिए उसके पति और सास-ससुर को उकसाया। इस मामले में पुलिस ने राधे मां सहित सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसी मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने राधे मां को समन जारी किया था। राधे मां ने मुंबई पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि शुक्रवार को उनके कार्यक्रम पहले से तय हैं इसलिए उन्हें पेश होने के लिए कुछ और वक्त दिया जाए।

थाने में पेशी से पहले राधे मां एक दरगाह पहुंची। वहां उन्होंने चादर चढ़ाई। इसके बाद राधे मां ने गुुरूद्वारे जाकर अरदास की। राधे मां पर आईपीसी की धारा 498 ए के तहत केस दर्ज किया गया है। आईपीसी में ये धारा 1983 में महिलाओं पर पति और ससुराल वालों की तरफ से होने वाले अत्याचार रोकने के लिए जोड़ी गई थी धारा संज्ञेय और गैर जमानती है राधे मां के मामले में पेंच ये है कि आईपीसी की धारा 498 ए कहती है कि पति या उसके परिवार वालों की तरफ से उत्पीड़न में ही गिरफ्तारी होगी।

राधे मां का उस शख्स के परिवार से सीधा कोई नाता नहीं है जिसके खिलाफ निक्की गुप्ता नाम की महिला ने 498 ए में केस दर्ज कराया है। अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान राधे मां के वकीलों ने दलील दी कि राधे मां को फंसाया गया है। राधे मां के वकील ने कहा कि शिकायतकर्ता ने पहले सिर्फ ससुराल वालों के किलाफ केस दर्ज कराया था लेकिन जब शिकायतकर्ता की शिकायत को तवज्जो नहीं दी गई तो उसने जानबूझकर राधे मां का नाम एफआईआर में डलवाया ताकि मामले को तूल मिल सके।

वहीं सरकारी पक्ष ने दलील दी कि उनके पास राधे मां की कोई जानकारी नहीं है। अगर राधे मां को अग्रिम जमानत दी गई तो वो भाग सकती है। निकी गुप्ता के वकील क्षितीज मेहता का कहना है कि हमारा कहना था कि राधे मां बैंकॉक भाग सकती है। राधे मां को पुलिस के समक्ष पेश होना है। पुलिस खुद भी संज्ञान ले सकती है। हमने अदालत में कहा कि राधे मां भारत छोड़कर ना जाएं। कोर्ट ने सभी दलीलें सुनने के बाद राधे मां की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

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