का. घोष ने मार्क्सवाद, लेनिनवाद की नई समझ दी: का. शिवशंकर

का. घोष ने मार्क्सवाद, लेनिनवाद की नई समझ दी: का. शिवशंकर

लखनऊ। इस युग के महान माक्र्सवादी चिंतक व एस.यू.सी.आई.सी. के संस्थापक महामंत्री का. शिवदास घोष की याद में गंगा प्रसाद हाल अमीनाबाद लखनऊ मंे स्मृति सभा का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता पार्टी के राज्य सचिव का. बी.एन. सिंह ने की। मुख्य वक्ता के रूप मंे बोलते हुए एस.यू.सी.आई.सी. के बिहार राज्य सचिव का. शिवशंकर ने कहा कि आज देश गंभीर संकट से गुजर रहा है, क्योंकि चुनाव बाद पार्टियाँ चुनाव जीतकर पूंजीपति वर्ग की सेवा में  लग जाती हैं। वे आम जनता के हितों को नजर अंदाज ही नहीं करती बल्कि राजनीतिक चालों से उनकी समस्याओं को और भी जटिल बना देती है। ऐसा हमेशा से होता आ रहा है इसका विकल्प है सही क्रान्तिकारी पार्टी की अगुवाई में  आन्दोलन। हमारी पार्टी आज उसी दिशा मंे पहलकदमी कर रही है। आज देश में  6 बामपंथी पार्टियों के मोर्चा के तहत आन्दोलन चलाया जा रहा है आन्दोलन जितना शक्तिशाली होगा आम जनता को राहत मिलेगी। उन्होने यह भी कहा कि का. घोष ने माक्र्सवाद, लेनिनवाद की नई समझ दी जिसे आज पूरे दुनिया में स्वीकार किया जा रहा है। भविष्य में  फासीवाद, संशोधनवाद के खिलाफ तीब्रतम वैचारिक संघर्ष चलाना समय की मांग है। अध्यक्षीय सम्बोधन में  का. बी.एन. सिंह ने कहा कि का. घोष का चिंतन ही है जो वर्तमान अन्तराष्ट्रीय व राष्ट्रीय परिस्थितियों मे सही दिशा दे सकता है। आज देश में फौजी तानाशाही के बजाय संवैधानिक तानाशाही लादी जा रही है। केन्द्र सरकार धीरे-धीरे आम जनता खासकर श्रमिक वर्ग के जनवादी अधिकारों की कटौती कर रही है तथा दूसरी तरफ अफसरों और पूंजीपतियों को बेलगाम छूट दे रही हैं यदि जनता सच्ची कम्यूनिष्ट पार्टी की अगुवाई मंे आन्दोलन नही छेड़ेगी तो जीना दूभर हो जाएगा। श्री सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए यह भी कहा कि का. घोष के आदर्शो को अपने जीवन में उतारने का संघर्ष भी अनिवार्य है। जगदीश चन्द्र स्थाना ने देश के वर्तमान परिस्थितियों  पर प्रकाश डाते हुए कहा कि आज किसानो व मजदूरों को राजनैतिक रूप से सचेत होने की जरूरत है माक्र्सवाद लेनिनवाद, का. शिवदास घोष का चिंतन की हमे सही राह दिखा सकता है। अन्य वक्ताओं मे का. बेचन अली, पुष्पेन्द्र विश्वकर्मा, आदि ने भी सम्बोधित किया।

Lucknow, Uttar Pradesh, India