लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति उद्योगपतियों और व्यापारियों में तेजी से घट रहे विश्वास को देखकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बौखला गये हैं। अब वे उद्योगपतियों को रिझाने के लिए झूठे वायदे भी करने लगे हैं। उत्तर प्रदेश भाजपा प्रवक्ता डाॅ चन्द्रमोहन आज यहां प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बात चीत करते हुए यह आरोप लगया कि उद्योगपतियों को सुविधा पत्रलेटर आॅफ कम्फर्ट जारी करने के मुख्यमंत्री के फैसले उद्योगपतियों की आंखों में धूल झोकने के समान हैं। उन्होंने कहा सपा सरकार चार साल तक हाथ पर हाथ धरे बैठी रही, और अब जब चलाचली का बेला आयी तो उद्यमियों को लुभाने के लिए बिना किसी आधार के घोषणाएं की जा रही है। 

डाॅ0 चन्द्रमोहन ने कहा कि प्रदेश में गुंडाराज शुरू से ही बरकरार रहने, सड़क पानी और बिजली की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने और कानून व्यवस्था की दुर्गत होने के कारण यहां से उद्यमी पलायन कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री अवास्तविक तथ्यों के आधार पर यह झूठा दावा करते रहे हैं कि प्रदेश में बहुत निवेश आ रहा है। डाॅ0 चन्द्रमोहन ने कहा कि अब मुख्यमंत्री की कलई खुल गई है। यह तथ्य सामने आ गया है कि बड़े उद्योग उत्तर प्रदेश में आने से घबरा रहे हैं। डाॅ चन्द्रमोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री कभी भी न तो प्रदेश के विकास के प्रति गंभीर रहे और न यहां उद्योग धंधे लगाने के प्रति उनकी रूचि रही।  अखिलेश सरकार बताये कि अब तक के कार्यकाल में कितना निवेश हुआ है।