आमरण अनशन में बदला नाराज कर्मचारियों का आन्दोलन

आमरण अनशन में बदला नाराज कर्मचारियों का आन्दोलन

विभागीय मंत्री और सचिव के आश्वासन के बाद आदेश जारी न होने से नाराज

लखनऊ:  प्रदेश के 22 स्वशासी संस्थाओं में से मात्र चार संस्थाओं के कार्मिकों की सेवा निवृत्ति आयु 60 वर्ष न किये जाने से नाराज कर्मचारियों का आन्दोलन अब आमरण अनशन में बदल गया है। विभागीय मंत्री और सचिव के 25 जून को दिये गए आश्वासन के बावजूद आदेश जारी न होने से नाराज उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग तृतीय श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेश चन्द आमरण अनशन पर बैठ गए है। 

 उत्तर प्रदेश संगीत नाटक एवं कथक केन्द्र कर्मचारी संघ ने आज विभाग के सचिव पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मनमर्जी के चलते संगीत नाटक अकादमी एवं कथक केन्द्र के 22, भारतीय नाटय अकादी के 23, ललित कला अकादमी के 9, अयोध्या षोध संस्था अयोध्या के 6 कर्मचारियों को वित्त विभाग द्वारा 12 अगस्त 13 को जारी आदेष का लाभ नही मिल पाया है। वित्त विभाग द्वारा स्वषासी संस्थाओं के कार्मिकों की अधिवर्शता आयु 58से 60 वर्श किये जाने निर्देश जारी किए गए थे लेकिन इन चार संस्थाओं में अब तक इसका अनुपालन नही किया। जबकि प्रदेष में कुल 22 स्वशासी संस्थाओं में से 18 में इसका अनुपालन कर लिया गया है। यही नही बाकी बची संगीत नाटक अकादमी एवं कथक केन्द्र , भारतीय नाटय अकादमी , ललित कला अकादमी , अयोध्या षोध संस्था अयोध्या पूर्ण रूप से वित्त पोशित है इसके बावजूद विभाग के एक अफसर की हठधर्मिता के चलते दो वर्श बीत जाने के बावजूद उक्त आदेष का अनुपालन नही किया जा रहा है। इससे नाराज कर्मचारी 25 जून से आज तक धरना दे रहे थे                              

उन्होंने बताया कि उन्होंने बताया कि पिछले 12 दिनों से संघ के बैनर तले सात सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दे चुका है।  मांगों में सर्वप्रथम अधिवर्शता आयु 60 वर्श किये जाने, समयमान वेतनमान, पंाचवे वेतन का एरियर,पेंषन/पारिवारिक पेंषन, संविदा पर कार्यरत मात्र 11 कर्मचारियों का समयोजन,ग्रेच्युटी एवं बोनस तथा अर्जित अवकाश जैसी जायज मांगें शामिल है। 

Lucknow, Uttar Pradesh, India