विंबलडन: 24 घंटे में 3 खिताब जीत भारतीय खिलाड़ियों ने रचा इतिहास

विंबलडन: 24 घंटे में 3 खिताब जीत भारतीय खिलाड़ियों ने रचा इतिहास

लंदन: भारत के लिए इस साल का विंबलडन यकीनन खास रहा है। भारतीय खिलाड़ियों ने 24 घंटे में विंबलडन के तीन खिताब को जीतकर इतिहास रच दिया। रविवार को भारत के लिएंडर पेस और स्विटजरलैंड की मार्टिना हिंगिस की जोड़ी ने विंबलडन के मिक्स्ड डबल्स का खिताब जीता। साथ ही 17 साल के सुमित नागल इस टूर्नामेंट के जूनियर डबल्स चैंपियन बने। इसके पहले सानिया मिर्जा और मार्टिना हिंगिस की जोड़ी ने शनिवार को वूमंस डबल्स का टाइटल जीता था। इस तरह से भारतीय खिलाड़ियों ने हैट्रिक ट्रॉफी यानी विंबलडन के तीन खिताब पर कब्जा जमाया।  गौर हो कि 42 साल के पेस विंबलडन का यह टाइटल जीतने वाले सबसे उम्रदराज प्लेयर हैं।

दिग्गज भारतीय टेनिस स्टार पेस ने स्विटजरलैंड की अपनी जोड़ीदार मार्टिना हिंगिस के साथ एलेक्जेंडर पेया और टिमिया बाबोस की जोड़ी को हराकर यह खिताब अपने नाम किया। पेस-हिंगिस की सातवीं वरीयता प्राप्त भारतीय-स्विस जोड़ी ने ऑस्ट्रिया-हंगरी की पांचवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी को 6-1 6-1 से हराया। यह मुकाबला सिर्फ 40 मिनट चला।लिएंडर पेस ने मार्टिना हिंगिस के साथ विम्बलडन मिक्स्ड डबल्स का खिताब जीतने के बाद कहा कि यह ट्रॉफी भारत के लिए है। अपने 16वें ग्रैंड स्लैम की जीत से पेस बेहद उत्साहित हैं।

यह पेस का कुल आठवां और मार्टिना हिंगिस के साथ दूसरा मिश्रित युगल खिताब है। दोनों ने इस साल ऑस्ट्रेलियाई ओपन का खिताब भी जीता था। 42 साल के पेस मेन्स डबल्स के आठ ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके हैं।  पेस और हिंगिस ने जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन का मिक्स्ड डबल्स का खिताब जीता था।

युवा भारतीय टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल ने विंबलडन में भारतीय खिलाड़ियों के बेजोड़ प्रदर्शन में खुद का नाम शामिल करके आज यहां वियतनाम के अपने जोड़ीदार नाम हुआंग ली के साथ मिलकर लड़कों का युगल खिताब जीता। नागल और हुआंग ली की आठवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने फाइनल में अमेरिका के रीली ओपेल्का और जापान के अकीरा संतिलान की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी को एक घंटे तीन मिनट तक चले मैच में 7-6, 6-4 से पराजित किया।

भारत और वियतनामी जोड़ी को पहले सेट में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। दोनों टीमों ने इस सेट में एक-एक ब्रेक प्वाइंट हासिल किया लेकिन टाईब्रेकर में नागल और हुआंग ली ने 7-4 से जीत दर्ज की। दूसरे सेट में उन्हें ब्रेक प्वाइंट का एक मौका मिला और उन्होंने उसे भुनाने में कोई गलती नहीं की। ओपेल्का और सांतिलान इस सेट में एक बार भी सर्विस तोड़ने की स्थिति में नहीं पहुंचे।

भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने यहां विंबलडन में इतिहास रचा जब वह स्विट्जरलैंड की अपनी जोड़ीदार मार्टिना हिंगिस के साथ मिलकर ग्रैंडस्लैम महिला युगल खिताब जीतने वाली देश की पहली खिलाड़ी बनी। पेशेवर बनने के 12 साल बाद 28 साल की सानिया ने पहला महिला युगल ग्रैंडस्लैम खिताब जीता जब उनकी और हिंगिस की जोड़ी ने फाइनल में एक सेट से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए एकाटेरिना मकारोवा और एलेना वेस्नीना की रूस की दूसरी वरीय जोड़ी को कड़े मुकाबले में 5-7, 7-6, 7-5 से हराया।

सानिया ने इससे पहले 2003 में रूस की एलिसा क्लेबानोवा के साथ यहीं जूनियर विंबलडन चैम्पियनशिप का लड़कियों का युगल खिताब भी जीता था। सानिया 2011 में भी महिला युगल ग्रैंडस्लैम जीतने के करीब पहुंची थी जब उनकी और एलेना वेस्नीना की जोड़ी ने फ्रेंच ओपन के फाइनल में जगह बनाई थी लेकिन तब इस जोड़ी को उप विजेता बनकर संतोष करना पड़ा था। सानिया इससे पहले 2009 में ग्रैंडस्लैम जीतने वाली पहली भारतीय महिला भी बनी थी जब उनकी और हमवतन महेश भूपति की जोड़ी ने 2009 में आस्ट्रेलियाई ओपन का मिश्रित युगल खिताब जीता था।