एसएलसीएम की कृषि वित्तपोषण शाखा ने पहली तिमाही में हासिल की 130 फीसदी की वृद्धि

एसएलसीएम की कृषि वित्तपोषण शाखा ने पहली तिमाही में हासिल की 130 फीसदी की वृद्धि

लखनऊ:  दिल्ली स्थित कृषि रसद (एग्री लाजिस्टिक) समूह सोहन लाल कमोडिटी मैनेजमेंट (एसएलसीएम) ने अपने कृषि वित्तपोषण शाखा किसान धन एग्री फिनांसियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से वित्तीय वर्ष 16 के पहले तिमाही में ऋण संवितरण में 130 फीसदी की वृद्धि हासिल की है. किसानधन ने वित्तीय वर्ष 16 के पहले तिमाही में 16 करोड रूपये का ऋण संवितरण आंकड़ा पार कर लिया है जबकि एफवाई 14-15 के पहले तिमाही में यह सिर्फ 33 करोड़ था. किसानधन का कुल संवितरण 30 जून, 2015 को 210 करोड़ रूपये हो गया है. ये ऋण उधारकर्ता को फसल जमानत के बदले वितरित किया गया है और आज तक कोई चूक (डिफाल्ट) नहीं हुई है. 

कृषि वित्तपोषण, एग्री लाजिस्टिक(कृषि रसद) क्षेत्र के लिए उभरता हुआ कार्यक्षेत्र है. कृषि ऋण को पूरा करने के लिए एसएलसीएम ने एनबीएफसी किसानधन शुरु किया है. इसके साथ, कंपनियाँ अपने मौजूदा ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करते हैं, और धीरे-धीरे एक अलग क्षेत्र के लिए विस्तार करते है. एसएलसीएम उपभोक्ता के लिए एक स्थान पर सारे समाधान उपलब्ध कराता है जैसे वेयरहाउस प्रबंधन, कृषि वित्तपोषण, कोलैट्रल प्रबंधन और खरीद से लेकर विविध सेवाओं की पेशकश.यह समूह इस क्षेत्र में पहला है और इसने बाजार में अन्य खिलाडियों के लिए एक रोड मैप दिया है. 

इस उपलब्धि पर श्री संदीप सभरवाल, ग्रुप सीईओ, एसएलसीएम कहते हैं कि भारत में हम पोस्ट हार्वेस्ट लाजिस्टिक और कृषि वित्त पोषण के क्षेत्र में अग्रणी है. नतीजतन, एसएलसीएम इस क्षेत्र में जबरदस्त विकास संभावनाओं और अवसरों का लाभ उठा रहा है. ऐतिहासिक रूप से एग्री फिनांसिंग क्षेत्र में पहले भूमि, अन्य कीमती चीजें, बैलेंस शीट आदि किसानों को कर्ज (वित्त) देने के लिए जमानत के रूप में माना जाता था. हालांकि फसलों के प्रबंधन की अपनी बेजोड़ क्षमताओं के साथ, एसएलसीएम ने जमानत के रूप में फसल को माना और किसानों के लिए वित्तपोषण की पेशकश की. इस कदम को भारी प्रतिक्रिया मिली. अप्रैल 2014 में किसानधन की स्थापना के बाद से हमने अब तक 210 करोड़ रुपए का ऋण वितरण किया है.