व्यापमं घोटाला: राज्यपाल राम नरेश यादव को हटाने की याचिका सुनवाई के लिए मंज़ूर

व्यापमं घोटाला: राज्यपाल राम नरेश यादव को हटाने की याचिका सुनवाई के लिए मंज़ूर

भोपाल। बहुचर्चित व्यापमं घोटाले में कथित तौर पर नाम आने के बाद मध्यप्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव को हटाने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। घोटाले में राज्यपाल के पुत्र शैलेश यादव का भी नाम आया था। हालांकि, 25 मार्च को वह लखनऊ स्थित अपने पिता के आवास पर मृत पाया गया था।

वहीं, मध्य प्रदेश में व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) की ओर से आयोजित होनी वाली परीक्षा के जरिए चयनित एक प्रशिक्षु महिला उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) ने राज्य के सागर जिले में खुदकुशी कर ली। पुलिस ने उनका शव बरामद कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

आत्महत्या करने वाली प्रशिक्षु उप निरीक्षक की पहचान अनामिका कुशवाहा के रूप में हुई है। वह जिले के जवाहर लाल नेहरू पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षणरत थीं। शहर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) गौतम सोलंकी ने बताया कि उन्होंने सोमवार सुबह तालाब में कूदकर जान दे दी।

अनामिका शादी-शुदा थी और वह मौरेना जिले की रहने वाली थी। व्यापमं की ओर से आयोजित परिक्षा के जरिए उनका चयन हुआ था। हालांकि, सीएसपी सोलंकी का कहना है कि अनामिका के चयन का व्यापमं घोटाले से कोई ताल्लुक नहीं है और वह शक के घेरे मे नहीं थी।

सोलंकी ने बताया कि अनामिका अपने कमरे से गायब थी। बाद में उसका शव तलाब में मिला। संभवत: यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। तलाब से निकालने के बाद पुलिस अनामिका को तुरंत जिला अस्पताल ले गई जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सोलंकी ने बताया कि अकादमी में अनामिका जिस कमरे में रहती थी, पुलिस ने उस कमरे को सील कर दिया है। पुलिस को अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जांच के बाद ही कुशवाहा की मौत के कारणों का पता चल पाएगा।

एक प्रशिक्षु महिला उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) की मौत पर बोलते हुए कांग्रेस महासचिव और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि घोटाले ने एक और जिंदगी ले ली।

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