2005 से पहले की करेंसी बदलने की तारीख बढ़ी

2005 से पहले की करेंसी बदलने की तारीख बढ़ी

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने गुरूवार को 2005 से पहले की करेंसी बदलने की तारीख बढ़ा दी। आरबीआई ने एक आदेश जारी करते हुए अभी तक की आखरी तारीख 30 जून से बढ़ा कर 31 दिसंबर कर दी है। अब लोग 31 दिसंबर तक 1000 और 500 के नोट बदल सकेंगे।

रिजर्व बैंक ने पहले एक आदेश दिया था, जिसमें कहा गया था कि 2005 से पहले जारी किए 1000 व 500 के नोटों को लोग बैंकों में जा कर बदल लें। आरबीआई के अनुसार, सुरक्षा की दृष्टि से नियमित प्रक्रिया के तहत महात्मा गांधी सीरीज- 2005 से पुराने नोट प्रचलन से वापस लिए जाने हैं। उसका कहना है कि नए नोटों में बेहतर सुरक्षा प्रावधान हैं। पुराने नोटों पर छपाई का वर्ष नहीं है जबकि नए नोटों पर पीछे तरफ नीचे मध्य भाग में छपाई का वर्ष लिखा होता है आम लोग 30 जून तक किसी भी बैंक की कि सी भी शाखा में जाकर पुराने नोट बदल सकते हैं, लेकिन अब इस तारीख को बढ़ा कर 31 दिसंबर कर दिया गया है।

आरबीआई का कहना है कि वर्तमान में परिचालन में मौजूद पुराने नोटों की संख्या काफी कम है और इसलिए इन्हें वापस लिए जाने से जनजीवन पर कोई खास असर नहीं होगा। हालांकि, ये नोट पूरी तरह वैध बने रहेंगे। साथ ही उसने सभी वाणिज्यिक बैंकों को से भी यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि एटीएम और नकद काउंटरों पर भी ये नोट ग्राहकों को न दिए जाएं।