दो दिन में चमाचम होगी दिल्ली

दो दिन में चमाचम होगी दिल्ली

एमसीडी कर्मचारियों ने वापस ली हड़ताल, सफाई का किया वादा  

नई दिल्ली: बीते दो महीने से वेतन न मिलने के चलते हड़ताल कर रहे पूर्वी दिल्‍ली नगर निगम के कर्मचारियों ने आखिरकार हड़ताल वापस ले ली है। सफाई कर्मचारियों ने वादा किया है कि पूर्वी दिल्ली में फैली तमाम गंदगी को वे दो दिन में साफ कर देंगे।

पूर्वी दिल्ली में सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते जगह-जगह पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। हालात इतने बदतर हो गए हैं कि कूड़े की वजह से लोगों का निकलना दूभर हो गया है। बरसात होने की स्थिति में कूड़े से मिथेन जैसी ख़तरनाक गैस के लीक होने का भी ख़तरा है।

इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी हड़ताली कर्मचारियों से मिलने पहुंचे। राहुल गांधी ने हड़ताली सफाई कर्मचारियों से कहा कि दोनों सरकारें बहाना बना रही हैं, ऐसे में मांगने से नहीं, शक्ति दिखाने से ही कुछ हासिल हो सकता है।

सैलरी न मिलने के चलते निगम के सफाई कर्मचारी पिछले 12 दिनों से हड़ताल पर है। सफाई कर्मचारियों के काम पर न आने से पूर्वी दिल्‍ली में साफ-सफाई व्‍यवस्‍था चरमराई हुई थी। हर जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ढलाव घर कूड़े से तो नालियां गंदगी और पानी से ओवरफलो हो गई हैं। इससे बीमारियां फैलने का अंदेशा भी बना हुआ है।

उल्‍लेखनीय है कि दिल्‍ली की तीनों निगमों पर बीजेपी काबिज है और दिल्‍ली सरकार में आम आदमी पार्टी सत्‍तासीन है। निगम और केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी निगम कर्मियों को सैलरी नहीं दे पाई है, जबकि दिल्‍ली सरकार के मुखिया अरविंद केजरीवाल के आश्‍वासन के बावजूद भी हड़ताली कर्मचारियों को अभी तक वेतन नहीं मिल पाया।

दरअसल, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को घोषणा की थी कि सरकार दो नगर निगमों के सफाई कर्मचारियों, डॉक्टरों और टीचरों के अप्रैल और मई का लंबित वेतन जारी करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के नेतृत्व वाले निगमों में वेतन का पैसा ‘भ्रष्टाचार के चलते गायब' हो गया। उन्होंने एमसीडी कर्मचारियों से कहा था, 'अभी तो मैं किसी तरह से आपकी सैलरी का इंतजाम कर रहा हूं, लेकिन अगले महीने भी आपकी सैलरी नहीं आई तो पार्षदों, बीजेपी मुख्यालय व पीएम मोदी के पास जाकर मांगना।'

दिल्ली उच्च न्यायालय ने वेतन भुगतान के दिए निर्देश 

दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्वास्थ्य संबंधी महामारी को लेकर आगाह करते हुए आज स्थानीय सरकार को निर्देश दिया कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों को मई महीने के वेतन के भुगतान के लिए तत्काल धन जारी किया जाए। अदालत ने टिप्पणी की कि सफाई कर्मचारियों से बिना वेतन के काम की उम्मीद नहीं की जा सकती।

उच्च न्यायालय ने कहा, ‘गरीब लोगों को वेतन का क्यों इंतजार करना चाहिए? हमने अतीत में किए वादों का संज्ञान लिया। जमीनी स्तर पर परेशानी झेल रहे हैं। वेतन के बिना काम क्यों? ’ इसके साथ ही न्यायालय ने ‘खतरनाक अनुपात’ में सड़कों पर कूड़े को तत्कान हटाने का निर्देश दिया। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण दिल्ली की सड़कों पर कूड़े का ढेर लग गया है। उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार की उस दलील को लेकर भी नाखुशी जताई कि वह बजट सत्र में धन जारी करने को लेकर फैसला करेगी।

अदालत ने कहा, ‘आपात सत्र बुलाइए। यह गंभीर मुद्दा, स्वास्थ्य संबंधी महामारी से जुड़ा है।’ न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति आई एस मेहता की पीठ ने कूड़ा हटाने के मुद्दे पर पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वह कम से कम उपनिरीक्षक स्तर के एक अधिकारी की अगुवाई में एक कार्य बल का गठन करें जो इसकी निगरानी करेगा कि कूड़ा सही ढंग से हटाया गया है। अदालत ने सफाई कर्मचारियों के संगठनों को कूड़ाघरों से कूड़ा हटाने में रूकावट पैदा करने से भी रोक दिया। यह काम निजी एजेंसियों को आउटसोर्स किया जाता है।

 

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