रफ्तार नहीं पकड़ पाया ‘मेक इन इंडिया’ अभियान: डॉयचे बोर्स

रफ्तार नहीं पकड़ पाया ‘मेक इन इंडिया’ अभियान: डॉयचे बोर्स

कारोबारी विश्वास गिरकर मोदी सरकार से पहले के स्तर पर पहुंचा

नयी दिल्ली: देश का मौजूदा कारोबारी माहौल व भविष्य को लेकर उम्मीदें वापस गिरकर नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले के स्तर पर आ गई है। डॉयचे बोर्स के एक सर्वेक्षण में यह कहा गया है।

एमएनआई इंडिया कारोबारी धारणा संकेतक मई में ढाई प्रतिशत घटकर 62.3 पर आ गया, जो अप्रैल मे 63.9 अंक पर था। यह बंबई शेयर बाजार की सूचीबद्ध कंपनियों में मौजूदा धारणा के बारे में संकेत देता है।

एमएनआई इंडिकेटर्स के मुख्य अर्थशास्त्री फिलिप यूग्लो ने कहा, मई रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि होती है कि कारोबारी गतिविधियों में गिरावट का रूख है। सकल धारणा, उत्पादन व कंपनी के आर्डर चौथी तिमाही के उच्चस्तर से नीचे आ गए हैं। यह इंडेक्स का अप्रैल, 2014 के बाद सबसे निचला स्तर है। उत्पादन व ऑर्डरों में कमी कारोबारी गतिविधियों में गिरावट का संकेतक है।

रिपोर्ट में कहा गया है, मई में उत्पादन घटकर दो साल के निचले स्तर के करीब आ गया। इससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री मोदी का महत्वाकांक्षी ‘मेक इन इंडिया’ अभियान रफ्तार नहीं पकड़ पाया है।