लखनऊ:  मुस्लिम वोटों पर नजर लगाये उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार मेरठ के हाशिमपुरा में करीब 28 साल पहले हुए सामूहिक नरसंहार मामले में आरोपी पीएसी के 16 जवानों को रिहा किये जाने के निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में बहुत जल्द चुनौती देगी|

गृह विभाग ने न्याय विभाग से जल्द परामर्श मांगा है। मेरठ के हाशिमपुरा कांड में जीवित बचे जुल्फिकार नासिर, मो.नईम और मारे गए लोगों के एक दर्जन परिजनों ने मंगलवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह से मुलाकात की। उनसे दिल्ली सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने, विद्वान वकीलों को पैरवी में लगाने, हत्याकांड के बाद गठित आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग रखी। एक घंटे तक पीडि़तों की बात सुनने के बाद मुलायम सिंह ने कहा कि वह बिना किसी परवाह के अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते रहेंगे। सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करायी जाएगी। समाजवादी पार्टी पीडि़तों के पुर्नवास का प्रयास भी करेगी। मुलायम से मिलने वालों में मो.नईम, मोहम्मद आरिफ, जमील अहमद, इस्लाम उद्दीन, मो.आबिद, जमीयत उल उलमा की लखनऊ इकाई के पदाधिकारी भी शामिल थे। इन्हें विधान परिषद सदस्य आशु मलिक अपने साथ लेकर सपा मुखिया के यहां गए थे। इस मुलाकात के कुछ देर बाद ही गृह विभाग ने दिल्ली सेशन कोर्ट के फैसले पर न्याय विभाग को राय देने का निर्देश जारी किया। सरकारी प्रवक्ता का कहना है कि सरकार हाशिमपुरा कांड में आए फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेगी।