देश के सामने सांप्रदायिकता सबसे बड़ी चुनौती: अहमद हसन

देश के सामने सांप्रदायिकता सबसे बड़ी चुनौती: अहमद हसन

लखनऊ: चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अहमद हसन ने कहा कि देश के सामने सांप्रदायिकता सबसे बड़ी चुनौती है। झूठे वादों के बल पर सत्ता तक पहुंची भाजपा को मुसलमानों से नफरत है जबकि इसके विपरीत सपा मुखिया मुलायम सिंह हर संकट में मुसलमानों के साथ रहे हैं।

हसन आज समाजवादी अल्पसंख्यक सभा की प्रदेशीय कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा हर उपचुनाव हार रही है। चरखारी के बाद फरेंदा में भी उसकी पराजय हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार सांप्रदायिक ताकतों से संघर्ष कर रहे हैं, मुजफ्फरनगर व मुरादाबाद की साजिशें नाकाम कीं। उन्होंने कहा कि तीन हजार आयुष डाक्टरों की भर्ती में मुस्लिम वर्ग को पूरी नुमाइंदगी मिली है। उर्दू मोअल्लिमों को भी नौकरी दी गई। 

अहमद हसन ने कहा कि बुजुर्गों ने बाबरी मस्जिद का गिरना देखा है। मलियाना और हाशिमपुरा के दंगे देखे हैं। हमने भारत विभाजन और आपातकाल की दुश्वारियां भी झेली हैं और अब मोदी सरकार का जुल्म भी देख रहे हैं। सपा उपाध्यक्ष नरेश उत्तम ने भरोसा दिलाया कि समाजवादी अल्पसंख्यकों को सम्मान व सुरक्षा देने में पीछे नहीं रहेंगे। प्रदेश सचिव एसआरएस यादव ने कहा कि संगठन को जिला स्तर पर सुदृढ़ बनाने के साथ बूथ कमेटियों का गठन अभी से होना चाहिए। 

Lucknow, Uttar Pradesh, India