प्रदेश  सरकार किसानों के प्रति निष्ठुर:  डाॅ0 बाजपेयी

प्रदेश सरकार किसानों के प्रति निष्ठुर: डाॅ0 बाजपेयी

लखनऊ: प्रदेश सरकार का रवैया किसानों के प्रति संवेदनहीनता का है। किसानो के दुखदर्द से बेपरवाह होकर केवल बयानबाजी से काम चला रही हैं। उक्त बाते भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने कस्ता लखीमपुर में आयोजित किसान महापंचायत में कही। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सपा सरकार पर किसानों की मदद के बजाय किसानों को भ्रमित करने का आरोप लगाया। सरकार द्वारा फसल बर्बादी के कारण किसानों द्वारा की गई आत्महत्याओं को न स्वीकार करना और परस्पर भ्रामक बयान देना अपनी नाकामी को छिपाने का एक असफल प्रयास है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को भेजे पत्र में किसानों द्वारा आत्महत्या की बात पूरी तरह नकार दिया था। वहीं संसद में मुलायम सिंह भी ने 3 किसानों की आत्महत्या की बात कही और प्रदेश की मशीनरी 80 किसानों द्वारा आत्महत्या की बात कही जा रही है।

डाॅ0 बाजपेयी ने अखिलेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार नुकसान का आकलन 33 प्रतिशत के आधार पर नही कर रही है और न ही मुआवजा बाॅटने पर गभ्भीर है। सरकारी मशीनरी कमरो में बैठकर आंकडो का खेल कर रही और केन्द्र सरकार के मानक के अनुरूप 13500/- प्रति हेक्टयर का भुगतान नहीं कर रही हैं। डाॅ0 बाजपेयी ने कहा कि एक तरफ वर्तमान वर्ष किसान वर्ष घोषित किया है किन्तु किसानों की वास्तविक समस्यओं से मुह मोड लिया है। उन्होंने कहा कि मंत्रियों व अधिकारियों के पास किसानों की बात सुनने का समय नहीं लखनऊ में आयोजित किसान गोष्ठी में किसान बोलते रहे मंत्री जी उठकर चले गये और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा घोषित कर दिया कि किसान अपनी बात कह चुके क्यों कि किसानों ने किसानों को दी जा रही मदद की हकीकत बयान करना शुरू कर दिया था और कह दिया कि न योजना से खुश न राहत से।

डाॅ0 बाजपेयी ने कहा कि प्रकृति की मार से तराई का किसान बर्बाद हो गया। तराई इलाके के किसानो का पुरसहाल लेने प्रदेश का कोई जिम्मेदार मंत्री नही पहुंचा किन्तु भाजपा किसान के खेत के मेड़ तक जायेगी और उनके साथ खड़ी रहेगी। 

डाॅ0 बाजपेयी ने प्रदेश सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होने बताया कि केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार को एसडीआरएफ का 509 करोड रूपये खर्च करने तथा शेष आवश्यक धन आवश्यकता पडने पर कन्टीजेन्सी से किसानो को मुआवजा भुगतान के बाद भारत सरकार करेगी। इसकी घोषणा भारत सरकार के कृषि सयुक्त सचिव श्री भूटानी पहले ही कर चुके है। इसके अतिरिक्त केन्द्र ने राज्य सरकार को सभी तरह के मदद का आश्वासन दिया है। 

Uttar Pradesh, India