मुख्य सचिव ने उन्नाव के गंजमुरादाबाद कस्बे में यूको बैंक की नई शाखा का किया उद्घाटन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के  मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों के शैक्षिक, सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिए अनेकानेक कल्याणकारी एवं जनहितकारी योजनाएं संचालित कर रही है। अधिकांश योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को बैंकों के माध्यम से दिया जा रहा है। लाभार्थीपरक ज़्यादातर योजनाओं में लाभार्थियों के खाते में पैसा सीधे भेजा जा रहा हैै, इस स्थित में प्रायोजित योजनाओं के संचालन में बैंकों का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि लगभग दो साल पूर्व प्रदेश में जनसंख्या को दृष्टिगत रखते हुए मानक के अनुरूप बैकों की संख्या नहीं थी, इस अवधि में तमाम प्रयासों के बाद तीन हजार से अधिक नई बैंक शाखायें खोली गई हैं। सरकार का प्रयास है कि बैंकिंग सुविधायें जन सामान्य को आसानी से उपलब्ध हो। 

मुख्य सचिव आलोक रंजन आज जनपद उन्नाव के गंजमुरादाबाद कस्बे में यूको बैंक की नई शाखा का उद्घाटन करने के उपरान्त अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इसके उपरान्त मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव सूचना एवं धर्मार्थ कार्य विभाग श्री नवनीत सहगल ने बांगरमऊ तहसील के गौरिया खुर्द गाॅव में ओलावृष्टि से प्रभावित गेहूँ के खेतांे में जाकर क्षतिग्रस्त फसल का निरीक्षण किया तथा जिले के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

श्री रंजन ने कहा कि गंजमुरादाबाद क्षेत्र के विकास के लिए, यथा-पी0एच0सी0 का उच्चीकरण, विद्युत व्यवस्था में सुधार व बालिकाओं की शिक्षा आदि के लिए प्रस्ताव भेजे जाएं, प्रदेश सरकार प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूरे करायेगी। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि/अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को प्रदेश सरकार मानक के अनुसार सहायता राशि दे रही है, बढ़ी हुई धनराशि का वितरण भी शीघ्र कराया जायेगा। किसानों की मुख्य देयों की वसूली स्थगित कर दी गई है। उन्होंने बैंकर्स को निर्देश दिए कि किसानों को ऋण वसूली में परेशान न किया जाय। उन्होंने कहा कि बीमित फसलों के बारे में बीमा कम्पनियों से वार्ता हुई है और निर्देश दिए गए हैं कि नुकसान की दशा में बीमित धनराशि का 25 प्रतिशत भुगतान तत्काल किया जाय। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा जायेगा। सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील व गम्भीर है तथा उनकी हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तत्परता से काम कर रही है। बैंकर्स को निर्देश दिये कि छोटे-छोटे उद्यम लगाने वाले लोगांे को ऋण दिया जाये तथा ऋण-जमा अनुपात हर हाल में बढ़ाया जाये।