एकता,भाईचारा और स्नेह का प्रतीक होलीःगुप्ता

एकता,भाईचारा और स्नेह का प्रतीक होलीःगुप्ता

डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लोनिवि ने मनाया होली मिलन समारोह 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लोनिवि ने अपना होली मिलन समारोह अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के बीच मनाया। होली मिलन समारोह के मुख्य अतिथि प्रमुख अभियंता विकास एवं विभागाध्यक्ष इं. ए.के. गुप्ता ने अपने सम्बोधन में कहा कि एकता,भाईचारा और स्नेह का प्रतीक है हमारा होली का त्यौहार। त्यौहार कोई भी हो वह हमें हमेशा भाई चारे का संदेश देते है। ऐसे में होली का तो कहना ही क्या। यह त्यौहार तो बड़ी से बड़ी गल्ती माफ कर गले मिला देता है। कार्यक्रम के विषिष्ट अतिथि प्रमुख अभियंता ग्रामीण सड़क इं. आलोक विष्नोई और प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन इं. पी.के.गोयल ने कहा कि त्यौहारों की सार्थकता तभी है जब इसे सब मिलजुलकर मनाए।  जबकि होली मिलन समारोह की अध्यक्षता करते हुए संघ के अध्यक्ष इं. हरि किशोर तिवारी ने कहा कि हमें इस बात की ख्ुाशी है कि पिछले कई सालों से हमारे होली मिलन समारोह में केवल लोनिवि ही नही बल्कि अन्य संवर्ग के इंजीनियर्स ही भागीदारी करते आ रहे है लेकिन अब यह मोैका आ गया है कि इस होली मिलन समारोह में कर्मचारी संवर्ग भी सहभागिता कर रहा है। कार्यक्रम का संचालन कर रहे इं एन.डी. द्विवेदी ने कहा कि भाई चारे का सबसे बेहतर पर्व तो वाकई होली ही है। इस दौरान संघ के  इं. एल.एन. सचान, वरि0 उपाध्यक्ष इं. दिवाकर राय, महामंत्री इं. बी.के. कुषवाहा, मध्यक्षेत्र के अध्यक्ष इं. एस.के. त्रिपाठी, इं. राजेश वर्मा, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के अध्यक्ष इं. एस.पीे. मिश्रा,महासचिव इं. एस.के.पाण्डेय, राजकीय निर्माण निगम के महामंत्री इं. एस.डी. द्विवेदी, सिंचाई विभाग के महासचिव इं. ओ. पी. राय, इं. अमरनाथ, कपिल देव द्विवेदी, भार्गवेन्दु मिश्र, रामजी अवस्थी, एस.एस.यादव, पावर कारपोरेशन से जी.बी. पटेल, लघु सिंचाई से इं. सुभाष श्रीवास्तव, वी.पी. मिश्रा और सतीष पाण्डेय ,रामराज दुबे, अतुल मिश्रा,  शिवबरन सिंह यादव और भूपेश अवस्थी, सुरेश रावत, वित्त मंत्री ए.के. मिश्रा के अलावा कर्मचारी नेता अशोक दुबे, अविनाश श्रीवास्तव, डी.एन.सिंह, बी.एस. डोलिया, अमिता त्रिपाठी, संजीव गुप्ता, रेनू शुक्ला, रोड़वेज कर्मचारी नेता गिरीश मिश्रा और रेलवे के नेता आर.के.पाण्डेय, जे.बी. सिंह (आयकर), वीरेन्द्र तिवारी (बीएसएनएल) के साथ कई संगठनों, संघों एवं महासंघों के पदाधिकारियों ने उपस्थित होकर होली मिलन समारोह का आनंद लिया।

होली मिलन समारोह के उपरान्त अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का संचालन करतेे हुए टुण्डला फिरोजाबाद के हास्य कवि लटूरी लट्ट ने अपनी रचना पड़ते हुए कहा कि ‘‘ माननीय मनमोहन का मन चुपके चुपके रोता है, अब उनका मालूम पड़ा पीएम तो कुछ होता है। । तालियाॅ बटोरते हुए अगले कवि वाहिद अली ‘‘वाहिद’’  ने अपनी रचना पढ़ते हुए कहा ‘‘ नजाकत, मोहब्बत जवानी के दिन है, किसी पर करो,मेहरबानी के दिन है। अभी द्वारिका से बुलावा नही है,कन्हैया के दिन राधारानी के दिन है।।

जबकि कवियत्री डा. अमिता रस्तौगी ‘‘ प्यार के दीप जल रहे होंगें। ख्वाब करवट बदल बदल रहे होंगे,तू भी तैयार होके चल अमिता, वो भी घर से निकल रहे होंगे। जबकि षिकोहाबाद से आए कवि प्रषान्त उपाध्याय ने अपनी रचना पढ़ते हुए कहा कि ‘‘ अगर तुझे खेलनी है वास्तव में होली, तो कोई नई पिचकारी निकाली, और इस समूची दिषाहीन पीढ़ी के ऊपर ,आषा, आस्था, विष्वास और मर्यादा के रंग डाल। कवि प्रशान्त उपाध्याय शिकोहाबाद ने अपनी रचना में कहा कि ‘‘ अगर तुझे खेलनी है वास्तव में होली, तो कोेई नई पिचकारी निकाल, और इस समूची दिशाहीन पीढ़ी के ऊपर, आशा, आस्था, विश्वास और मर्यादा के रंग डाल। जबकि राजेन्द्र प्रसाद तिवारी ‘कंटक’ ने अपनी रचना में कहा कि ‘‘ रूप को रंग में घोला जाए, कोई घूॅघट न यूॅ खोला जाए, प्यार में लाजमी है चुप रहना, क्या जरूरी है कि बोला जाए।  देर शाम तक कवि सम्मेलन चलता रहा और कर्मचारी इंजीनिययर्स संवर्ग इसका पूरा लुफ्त उठाया। इस दौरान संघ के एकता सूत्र टाइम्स विशेषंाक का वितरण किया गया।

Lucknow, Uttar Pradesh, India