हमने राम मंदिर मुद्दे को नहीं छोड़ा है : भैया जोशी

हमने राम मंदिर मुद्दे को नहीं छोड़ा है : भैया जोशी

नागपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने रविवार को कहा कि उसने अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने की प्रतिबद्धता को नहीं छोड़ा है और उच्चतम न्यायालय में इस मामले की सुनवाई तेजी से पूरा करने पर जोर दिया है।

आरएसएस के सर कार्यवाह सुरेश भैय्याजी जोशी ने कहा, ‘‘हमने राम मंदिर के मुद्दे को नहीं छोड़ा है। उच्च न्यायालय का फैसला जो हिन्दुओं के हक में गया था, यह अब उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित है । न्यायपालिका महत्वपूर्ण है। उच्चतम न्यायालय में सुनवाई की प्रक्रिया काफी धीमी चल रही है और इसे तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम नहीं मानते कि इसके लिए अभी किसी आंदोलन की जरूरत है। हम देखेंगे कि बाद में क्या होता है लेकिन हमने इस मुद्दे को छोड़ा नहीं है।’’ भैय्याजी जोशी आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिन की बैठक की समाप्ति पर संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे। प्रतिनिधि सभा की बैठक में जोशी को फिर से सरकार्यवाह चुना गया।

भैय्याजी जोशी ने कहा कि विदेशी जमीन पर कष्ट का सामना करने वाले हिन्दुओं के लिए कोई और स्थान नहीं है। अगर हिन्दुओं के साथ विदेशी जमीन पर दुर्व्यवहार किया जाता है और अन्याय का सामना करना पड़ता है तब वे यहां आ जाए। हमारे समाज एवं सरकार की जिम्मेदारी है कि हम उन्हें स्वीकार करें। सरकार को इन मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान जैसे देशों से भागकर यहां शरण लेने वाले लोगों के लिए भारतीय नागरिकता की वकालत की।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान से भागकर यहां आए सैकड़ों परिवार भारतीय नागरिकता की मांग कर रहे हैं। संघ के सरकार्यवाह ने कहा कि आरएसएस गौ वंश की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और केवल कुछ भाजपा शासित राज्यों की ओर से गोवध पर रोक लगाने का कानून पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि गोवध पर प्रतिबंध प्रभावी ढंग से लागू किया लाए, केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है।

हरियाणा की भाजपा सरकार ने हाल ही में गो मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया और गोवध के लिए सजा का प्रस्ताव किया। महाराष्ट्र में गोवध पर रोक लगाने की पहल की गई है।

संघ के सरकार्यवाह ने पश्चिम बंगला के नदिया जिले में एक स्कूल में 71 वर्षीया नन के साथ कथित सामूहिक बलात्कार की घटना को कड़े शब्दों में निंदा की। लेकिन साथ ही उन्होंने ऐसी घटनाओं को लेकर दो समुदाय में तनाव पैदा करने की कुछ तत्वों की कोशिश की आलोचना भी की।

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