सब-इंसपेक्टर ने कोर्ट परिसर में की वकील की हत्या

सब-इंसपेक्टर ने कोर्ट परिसर में की वकील की हत्या

भड़के वकील, अधिकारीयों पर पथराव, गाड़ियों में लगाईं आग, प्रदेश में अलर्ट 

इलाहाबाद। जिला अदालत परिसर में एक पुलिस सब इंस्पेक्टर द्वारा कथित तौर पर अपने बचाव में की गई गोलीबारी में एक वकील की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, वकीलों ने भी गोली चलाई जिससे एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन पुलिस के अनुसार वह सिपाही अभी जिंदा है। घटना के बाद भड़के वकीलों ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव करते हुए सड़क किनारे खड़ी 4 चार गाडियों को आग लगा दी। पुलिस के प्रवक्ता मृत्युंजय मिश्रा ने बताया कि मृतक की पहचान रोशन अहमद के तौर पर हुई है वहीं घायल वकील फिरोज नबी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

मिश्रा ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे घटी इस घटना के समय मौजूदा वकीलों के अनुसार जब कुछ वकीलों ने सब इंस्पेक्टर को पीटने की धमकी दी तो उन्होंने अपने बचाव में गोली चला दी। हालांकि, अभी तक आरोपी की पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन वकीलों का कहना है कि सब इंस्पेक्टर शैलेश कुमार सिंह ने गोली चलाई थी जिसके बाद वह मौके से गायब हो गए।

वकीलों के उग्र प्रदर्शन से पूरे दिन इलाहाबाद-कानपुर राजमार्ग पर यातायात अवरूद्ध रहा। उच्च न्यायालय में हालात तभी शांत हुआ जब कुछ वरिष्ठ न्यायाधीशों ने मौके पर पहुंचकर वकीलों से शांति बरतने का अनुरोध किया। हालांकि सड़क किनारे वाहनों को जलाने के कारण पूरे दिन सामान्य यातायात शुरू नहीं हो सका। उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने वकीलों से यह भी कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से जिला अदालत परिसर में जाकर हालात का जायजा लें।

इस उपद्रव की आंच दोपहर बाद बनारस पहुंच गई जहां नाराज वकीलों के एक गुट ने एसएसपी आफिस पर धावा बोल दिया, तोड़फोड़ की और पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। वहां भी कई पुलिस वाले घायल हुए। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीर नगर में भी कार्य बहिष्कार कर वकीलों ने राज्यपाल से प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। लखनऊ में अवध बार एसोसिएशन ने बैठक कर 12 मार्च को काम न करने का निर्णय लिया। अध्यक्ष अमिताभ मिश्रा व सचिव रमेश पांडेय ने बताया कि 12 मार्च को अगली रणनीति तय की जाएगी। कानपुर में बार व लायर्स एसोसिएशन ने हड़ताल की घोषणा कर दी है। वहां भी पुलिस विरोधी नारेबाजी हुई और पुतला फूंका गया। तय हुआ कि अब पुलिस को हथियार लेकर कचहरी में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि 13 मार्च को भी वकील हड़ताल पर रहेंगे। हरदोई में वकील नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय गए। फर्रुखाबाद और फतेहपुर में भी हड़ताल रहेगी। मुरादाबाद में वकीलों ने जुलूस निकाला और एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद जाम लगा दिया। वहां भी हड़ताल का एलान किया गया है। मेरठ और सहारनपुर मंडल में विरोध जताया गया। अमरोहा और सम्भल में वकीलों ने नारेबाजी कर तोड़फोड़ की। फीरोजाबाद में वकील बेमियादी हड़ताल पर चले गए। आगरा बार एसोसिएशन भी हड़ताल पर रहेगी। इलाहाबाद में उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के अध्यक्ष अब्दुल रज्जाक खां, उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार अवस्था व अन्य सदस्यों ने मृत अधिवक्ता के परिवार को पचास लाख रुपये हर्जाना दिए जाने की मांग की। घायल अधिवक्ता के लिए राहत राशि व क्षतिग्रस्त वाहनों का मुआवजा देने की मांग भी उठाई। कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला ने कहा कि घटना के एक दिन पहले लखनऊ में अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज किया गया, जो शर्मनाक है। इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय और सचिव डा. पीसी उपाध्याय ने भी गुरुवार को न्यायिक कार्य के बहिष्कार की घोषणा की।

कई शहरों के वकीलों के आक्रोश के मद्देनजर 'हाई अलर्ट' घोषित किया गया है। अदालतों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ सघन चेकिंग की हिदायत दी गई है। पीएसी व आरएएफ की अतिरिक्त टुकड़ियां इलाहाबाद भेजी गई हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रमुख सचिव (गृह) व डीजीपी को तलब कर इलाहाबाद की घटना पर की गई कार्रवाई का ब्यौरा लिया और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने का निर्देश दिया। प्रमुख सचिव (गृह) देवाशीष पण्डा ने बताया कि पुलिस अधिकारियों को महत्वपूर्ण व संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ाने और हर हाल में शाति व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। डीएम, एसएसपी को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कानून-व्यवस्था बनाये रखना उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। उपद्रव होने पर उन्हें जिम्मेदार माना जाएगा।

Uttar Pradesh, India