आरोपी के रूप में मनमोहन को सम्मन

आरोपी के रूप में मनमोहन को सम्मन

कोल ब्‍लॉक आबंटन केस में आया नया मोड़, पूर्व प्रधानमन्त्री ने कहा-यह सब ज़िन्दगी का हिस्सा  

नई दिल्‍ली : कोल ब्‍लॉक आबंटन केस में नया मोड़ आ गया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने बुधवार को कोयला घोटाले में एक बड़ा फैसला दिया है। विशेष अदालत ने आज पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आरोपी के तौर पर सम्‍मन जारी किया है। उधर, कोल ब्‍लॉक आबंटन केस में आरोपी बनाए जाने पर मनमोहन सिंह ने कहा कि ये सब जिंदगी का हिस्‍सा है।

जानकारी के अनुसार, विशेष अदालत ने आज हिंडाल्‍को केस में मनमोहन सिंह को आरोपी बनाने का आदेश दिया। साथ ही सिंह को बतौर आरोपी कोर्ट में हाजिर होने के लिए सम्‍मन भेजा है। वहीं, अदालत ने सभी छह आरोपियों को आठ अप्रैल को पेश होने का निर्देश दिया।

इसके अलावा, उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, पूर्व कोयला सचिव पीसी पारख और तीन अन्य को भी आरोपी के तौर पर समन किया गया। अदालत ने आपराधिक साजिश, विश्वासघात और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत उन सबों को समन किया है। वहीं, अदालत ने मामले में आरोपियों के तौर पर मेसर्स हिंडाल्को, इसके अधिकारियों शुभेंदु अमिताभ और डी भट्टाचार्य को तलब किया।

मालूम हो कि साल 2005 में जब बिड़ला की कंपनी हिंडाल्को को ओडिशा के तालाबीरा द्वितीय और तृतीय में कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए थे, तब कोयला मंत्रालय का प्रभार पूर्व प्रधानमंत्री के पास था। दिसंबर महीने में सीबीआई के स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में जांच एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया था और जांच की जरूरत पर बल देते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री का बयान दर्ज करने का निर्देश दिया था।

इससे पहले 25 नवंबर को सुनवाई के दौरान स्पेशल सीबीआई जज भरत पाराशर ने सीबीआई से सवाल किया था कि उसने कोयला घोटाले के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पूछताछ क्यों नहीं की, जबकि हिंडाल्को को कोल ब्लॉक आवंटित किए जाने के वक्त 2005-09 के दौरान सिंह ही कोयला मंत्री भी था। उधर, कांग्रेस का मानना है कि मनमोहन सिंह बेदाग और ईमानदार हैं।

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