कार पार्किंग अटेंडेंट के लिए लाइन में खड़े हैं इंजीनियर और एमबीए उम्‍मीदवार

कार पार्किंग अटेंडेंट के लिए लाइन में खड़े हैं इंजीनियर और एमबीए उम्‍मीदवार

नई दिल्ली: बेरोजगारी के चलते चेन्नई में 700 से ज्यादा इंजीनियर और एमबीए कैंडिडे्टस को पार्किंग अटेंडेंट की नौकरी के लिए आवेदन करना पड़ा। कई इंजीनियर सिर्फ 10वीं पास पार्किंग अटेंडेंट के साथ शहर के विभिन्न हिस्सों में पार्किंग की जगह बनाएंगे। अब तक, शहर में सभी पार्किंग अटेंडेंट सशस्त्र बल के रिटायर जवान हैं, जिन्होंने हाई स्कूल पूरा किया था। पार्किंग अटेंडेंट की नौकरियों के लिए 1,400 से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। 70 फीसदी से ज्यादा आवेदकों ने ग्रेजुएशन पूरा कर लिया है। वहीं इसमें 50 फीसदी से ज्यादा इंजीनियर हैं, जो शहर में इंजीनियरों के बीच बेरोजगारी के स्तर को दर्शाता है। चेन्नई कॉर्पोरेशन ने 2 मार्च को अन्ना नगर, नुंगमबक्कम और पुरसावलकम जैसे क्षेत्रों में 2,000 से अधिक पार्किंग स्लॉट में पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम का उद्घाटन किया।

उदाहरण के लिए, अन्ना नगर सेकंड एवेन्यू में 550 पार्किंग स्लॉट मिलेंगे, जहां मोटर चालकों के पास पार्किंग प्रबंधन के लिए ऐप डाउनलोड करने का अनुरोध करने वाले योग्य इंजीनियर होंगे। वर्तमान में, 222 पार्किंग स्लॉट मोटर चालकों के लिए पेश किए गए हैं। लेकिन, डिजिटल मोड को अभी तक नागरिक निकाय द्वारा ठीक से प्रचारित नहीं किया गया है।

पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने वाले प्राइवेट वेंडर के अधिकारी द हिंदू को बताया कि पार्किंग अटेंडेंट पदों के लिए आवेदकों में से कई ने इंजीनियरिंग में भी पोस्ट ग्रेजुशन की पढ़ाई पूरी कर ली है। ये लोग पार्किंग प्रबंधन के डिजिटल मोड को बढ़ावा देने के लिए आदर्श उम्मीदवार हो सकते हैं। हालांकि इस पद पर आवेदन के लिए योग्यता 10वीं पास ही है। पार्किंग अटेंडेंट के पदों के लिए वेंडर द्वारा 1,000 से अधिक व्यक्तियों को काम पर रखा गया है। रिपॉन बिल्डिंग्स आने वाले कई इंजीनियरों ने कहा कि वे पार्किंग अटेंडेंट की नौकरियों के लिए आवेदन कर रहे थे क्योंकि वे बेरोजगार थे।

एक आवेदक ने कहा, “मैंने सिविल इंजीनियरिंग पूरी कर ली है। रियर एस्टेट की खराब हालत के चलते मेरे पास नौकरी नहीं है।” “प्रत्येक इंजीनियर को मोटर चालकों को शिक्षित करना होगा। यह पूरी तरह से एक डिजिटल मोड है। एक अधिकारी ने कहा कि सिस्टम के सफल बनाने के लिए ऐप के डाउनलोड की संख्या बढ़ानी होगी।