योगी सरकार ने जबरन रिटायर किए 7 पीपीएस अफसर

योगी सरकार ने जबरन रिटायर किए 7 पीपीएस अफसर

लखनऊ: प्रदेश सरकार ने प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) के 50 वर्ष से अधिक उम्र के सात अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला किया गया है। कमेटी ने भ्रष्टाचार और अक्षमता के आरोपों को आधार पर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की संस्तुति की थी।

गृह विभाग के आदेश के अनुसार 15वीं वाहिनी पीएसी आगरा के सहायक सेनानायक अरुण कुमार, फैजाबाद में तैनात पुलिस उपाधीक्षक विनोद कुमार गुप्ता, आगरा में तैनात पुलिस उपाधीक्षक नरेन्द्र सिंह राना, 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी के सहायक सेनानायक रतन कुमार यादव, 27वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर के सहायक सेनानायक तेजवीर सिंह यादव, मुरादाबाद के मंडलाधिकारी संतोष कुमार सिंह और 30वीं वाहिनी पीएसी गोण्डा के सहायक सेनानायक तनवीर अहमद खां को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है। इन अफसरों के विरुद्ध लघु दंड, वृहद दंड, अर्थदंड, परिनिन्दा, सत्यनिष्ठा अप्रमाणित किए जाने, वेतनवृद्धि रोके जाने और वेतनमान निम्न स्तर पर किए जाने जैसी कार्रवाइयां पूर्व में ही हो चुकी हैं। इसके साथ ही इन अफसरों की उम्र 31 मार्च 2019 को 50 वर्ष या इससे अधिक हो चुकी थी।

लइससे पहले प्रदेश सरकार ने 16 नवंबर 2017 को 50 साल से अधिक उम्र के दागदार अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया था। इसमें तीन डीएसपी भी शामिल थे। इन सभी के खिलाफ किसी न किसी मामले में जांच चल रही थी, जिसमें भ्रष्टाचार और अक्षमता के आरोप थे। दागदार सेवा और अपेक्षा से कम कार्यक्षमता के आधार पर चिह्नित किए प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) के जिन तीन अफसरों को जबरन रिटायर किया गया था, उनमें डीएसपी केश करन सिंह, कमल यादव व श्यारोज सिंह शामिल थे। इन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का आदेश गृह विभाग की ओर से जारी किया गया था।

Lucknow, Uttar Pradesh, India