सपा शासन में DHFL को नहीं हुआ कोई भुगतान

सपा शासन में DHFL को नहीं हुआ कोई भुगतान

UPPCL घोटाले पर घड़ियाली आंसू न बहाये योगी सरकार:अखिलेश

लखनऊ से तौसीफ़ क़ुरैशी

राज्य मुख्यालय लखनऊ। बिजली विभाग में कर्मचारियों पीएफ घोटाले के लिए अखिलेश यादव ने सीधे रूप से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज़िम्मेदार ठहराया है और इस बात से भी साफ़ इंकार किया है कि सपा शासन में DHFL को किसी भी तरह का भुगतान नहीं किया गया, उन्होंने इस घोटाले के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफा भी माँगा |

सपा मुखिया ने आज पत्रकार वार्ता में प्रदेश सरकार पर जमकर हमले किये, अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि बिजली विभाग में हुए घोटाले के लिए ईमानदारी का तमग़ा लेकर घूमने वाली योगी सरकार ज़िम्मेदार है, सपा हाईकोर्ट के सिटिंग जज से इस महाघोटाले की जाँच कराने की माँग करती है और साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफ़े की माँग करती है।

अखिलेश ने कहा, योगी सरकार के आने के बाद यूपी की जनता को सबसे ज़्यादा महँगी बिजली मिल रही है उन्होंने सरकार से सवाल किया कि सरकार बताए कि राज्य के लोगों को सस्ती बिजली और 24 घंटे मिले इसके लिए सरकार ने क्या प्रयास किए, क्या कहीं कोई बिजली पैदा करने के लिए कोई नया कारख़ाना लगाया है ?। UPPCL घोटाले में बिजली विभाग के कुछ आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई जबकि बड़े अफ़सरों को संरक्षण देने का काम कर रही है योगी सरकार। अखिलेश ने कहा, प्रदेश को इतना कमज़ोर मुख्यमंत्री कभी नहीं मिला, मुख्यमंत्री उर्जा मंत्री को हटाना चाहते हैं लेकिन सत्ता के कई केन्द्र होने की वजह से हटा नहीं पा रहे हैं।

सपा मुखिया ने कहा, रातों रात CBI की जाँच की सिफ़ारिश करना जिस जाँच एजेंसी को केंद्र सरकार का तोता कहा जाता है क्या दर्शाता है ?सरकार को विपक्ष के सवालों से डर लग रहा है इस लिए मामले को घूमाने की कोशिश कर रही है।राज्य का बिजली जैसा महत्वपूर्ण विभाग जिसे कर्मचारियों की मेहनत से खड़ा किया गया है उसमें इतना बड़ा घोटाला हुआ है।DHFL को कब भुगतान हुआ वो FIR में दर्ज है उस समय सपा की सरकार नहीं थी हमारी सरकार के समय DHLF को कोई भुगतान नहीं किया गया है।पुलिस अभिरक्षा में निर्दोष लोगों की हत्याएं हो रही है और बात करते हैं रामराज की! क्या यही रामराज है? बिलकुल नहीं ये तो नाथूराम राज चल रहा है क़ानून-व्यवस्था भी पूरी तरह फेल हो गई है।

Lucknow, Uttar Pradesh, India