नई दिल्ली: रेप के आरोप के चलते गिरफ्तार किए गए पूर्व केंद्रीय मंत्री व बीजेपी नेता चिन्मयानंद को एक और झटका लगा है। दरअसल बीजेपी ने चिन्मयानंद से नाता तोड़ लिया है। भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने बुधवार को कहा कि चिन्मयानंद भाजपा के सदस्य नहीं है । उनसे पूछा गया कि चिन्मयानंद ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, वह पार्टी के सांसद और केन्द्रीय मंत्री भी रहे । इस पर श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने बहुत पहले चुनाव लड़ा था और मंत्री बने थे, लेकिन उसके बाद से वह भाजपा के सदस्य नहीं हैं ।उन्होंने कहा कि चिन्मयानंद प्रकरण में कानून अपना काम कर रहा है । कानून को अपना काम करने की छूट है ।

इससे पहले मामले में नया मोड़ यह आया कि पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाने वाली लॉ स्टूडेंट को रंगदारी मांगने के मामले में बुधवार (25 सितंबर) सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि छात्रा को सुबह करीब 9:00 बजे उसके घर से गिरफ्तार किया गया। बाद में उसे मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। उसे जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।

आरोप है कि यह छात्रा स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपए रंगदारी मांगने के मामले में शामिल है। इस मामले में 3 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए छात्रा ने स्थानीय अदालत का रुख किया था, लेकिन उसे तत्काल राहत नहीं मिल सकी। कोर्ट ने पीड़िता की जमानत याचिका खारिज कर दी है। साथ ही, उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

क्या है मामला: गौरतलब है कि शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में एलएलएम की छात्रा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री व बीजेपी नेता पर 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल कर यौन शोषण करने का आरोप लगाया और साथ ही अपने परिवार को जान का खतरा होने की बात कही थी। पीड़िता के पिता ने कोतवाली शाहजहांपुर में अपहरण और जान से मारने के धमकी के आरोप में अलग-अलग धाराओं के तहत चिन्मयानंद के विरुद्ध मामला दर्ज कराया।मामला दर्ज होने के बाद चिन्मयानंद के पक्ष के वकील ने पीड़िता के पिता पर पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया।

मामला दर्ज होने के कुछ दिन बाद से पीड़िता गायब हो गई। बाद में पीड़िता को राजस्थान से बरामद किया गया। पीड़िता को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। जिसके बाद अदालत ने मामले की जांच को एसआईटी के हवाले दे दिया।

बता दें कि चिन्मयानंद वाजपेयी सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के जौनपुर से 1999 में चुनाव लड़ा था। चिन्मयानंद 1991 में बदायूं और 1998 में मछलीशहर से भी लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं ।