डर की नई परिभाषा लिखने को तैयार है विक्रम भट्ट की सच्ची कहानी पर आधारित फिल्म ‘घोस्ट’

डर की नई परिभाषा लिखने को तैयार है विक्रम भट्ट की सच्ची कहानी पर आधारित फिल्म ‘घोस्ट’

एक शैली के रूप में हॉरर फिल्मों ने दर्शकों को लंबे समय तक मोहित किया है। ये शैली निश्चित रूप से सबसे कठिन शैलियों में से एक है। इस शैली के प्रति अपने जुनून को विक्रम भट्ट ने अपनी हर एक फिल्म में प्रदर्शित किया है। अपने फिल्मांकन और संवादों से दर्शकों को झकझोरने के लिए भट्ट के पास कमाल के हॉरर आइडियाज़ होते है। राज सीरीज़ से 1920 तक, उन्होंने दर्शकों को दिन के उजाले में डराया है। उनकी अगली फिल्म ‘घोस्ट’ भी एक और अधिक डरावनी फिल्म है, जो डर की नई परिभाषा लिखेगी। यह आपको उत्तेजित करती है, डराती है और यह निश्चित रूप से आपको सिनेमाघरों तक आने के लिए मजबूर करेगी।

घोस्ट का ट्रेलर इस बात का सबूत है कि भट्ट का जादू दर्शकों को एक अलग दुनिया में ले जा सकता है, जहाँ हर चीज़ का डर होता है। भट्ट ने आज सुबह ट्रेलर जारी किया। ये फिल्म आपको अपने सीट से बांध कर रख देगी। भट्ट ने यह भी बताया कि यह एक सच्ची कहानी पर आधारित है। घोस्ट आपको करण खन्ना की यात्रा पर ले जाती है, जिस पर उसकी पत्नी की हत्या का आरोप है, लेकिन उसका मानना है कि उसकी हत्या किसी आत्मा ने की है। आगे, एक शैतान की ऐसी भयावह कहानी है, जो आपको सदमे और भय से भर देगी।

विक्रम भट्ट कहते हैं, “घोस्ट उन डरावनी फिल्मों में से एक है जिन पर मैंने काम किया है। शानदार संपादन के साथ फिल्म की चुस्त पटकथा दर्शकों को डर से अपनी सीटों से चिपके रहने को मजबूर कर देता है। आज ट्रेलर जारी हुआ है और हमें भरोसा है कि हम लोगों की उम्मीदों को पूरा करने में सक्षम हुए हैं।”

विक्रम भट्ट ने बताया कि घोस्ट का विचार उन्हें तब आया जब उन्होंने एक अखबार में पढ़ा कि कैसे एक ब्रिटिश अदालत ने एक मामले में एक आत्मा के ट्रायल की अनुमति दी। उन्हें इस फिल्म में अपनी ऊर्जा लगाने का फैसला किया। वाशु भगनानी प्रोडक्शन की घोस्ट का निर्देशन विक्रम भट्ट ने किया है। ये फिल्म 18 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।