एल एंड टी बनाएगा ईईएसएल के 5 लाख मीटर्स के लिए एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस

एल एंड टी बनाएगा ईईएसएल के 5 लाख मीटर्स के लिए एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस

एलएंडटी के स्मार्ट वल्र्ड एंड कम्युनिकेशन बीयू, जो कि सुरक्षित,स्मार्ट और संचार समाधानों की जरूरतों को पूरा करता है, उसे एनर्जी एफिशिएंसीसर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने उत्तर प्रदेश , हरियाणा और एनडीएमसी में 5 मिलियनसे अधिक स्मार्ट मीटरों के लिए सबसे बड़े एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस कोलागू करने का दायित्व सौंपा है। परियोजना का उद्देश्य डिस्कॉम को अपनी बिलिंग दक्षतामें सुधार करने, ऊर्जा की बचत करने और उपभोक्ताओं को ऊर्जा लागत पर रीयल टाइमडेटा प्रदान करके ऊर्जा की खपत को कम करने और प्रबंधित करने में मदद करना है। साथमें, एलएंडटी और ईईएसएल ने पहले ही एनडीएमसी के लिए 50,000 स्मार्ट मीटरों केएकीकरण और कमीशन सहित 500,000 से अधिक स्मार्ट मीटर के लिए एएमआई प्रणाली कोसफलतापूर्वक लागू किया है। एनडीएमसी स्मार्ट मीटर एएमआई साॅल्यूशंस प्रोजेक्ट काउद्घाटन इस साल की शुरुआत में बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राजकुमार सिंहने किया था। इससे एनडीएमसी को 12.47 करोड़ रुपये की कुल वार्षिक बचत होनेकी उम्मीद है, जिसमें बिलिंग दक्षता में सुधार के कारण होने वाली राजस्व आय भीशामिल है। कार्य के दायरे में एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (एएमआई) साॅल्यूशनसिस्टम के साथ स्मार्ट मीटर का एकीकरण शामिल है, जिसमें क्लाउड आधारित हेड एंडसिस्टम (एचईएस) और मीटर डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (एमडीएमएस), उपभोक्ताओं केअपडेटेड ऑन-लाइन डेटा के साथ वेब एप्लिकेशन, मोबाइल एप्लिकेशन और उन्नतविश्लेषिकी भी है।ईईएसएल के एमडी श्री सौरभ कुमार ने कहा, ‘‘स्मार्ट मीटरपरियोजना मुख्य रूप से बिजली की खपत के पैटर्न को विनियमित करने, ऑनलाइन बिलिंगको बढ़ावा देने, पारदर्शिता को बढ़ावा देने, लाइन हानियों को कम करनेआदि के उद्देश्य से लागू की जा रही है। प्रति माह 100,000 स्मार्ट मीटर स्थापित करने कीक्षमता हासिल करने के साथ ही अब हम निर्धारित समय सीमा के भीतर हमारे लक्ष्य कोप्राप्त करने में सक्षम होंगे।‘‘उन्होंने एलएंडटी- स्मार्ट वल्र्ड और कम्युनिकेशन बिजनेस द्वाराकिए गए कार्यों की भी सराहना की, ताकि देश में स्मार्ट मीटर लगाने में यूपी राज्यअग्रणी हो सके। इस परियोजना के तहत एकीकृत 5 लाख मीटर में से, 4 लाख मीटर सेअधिक को यूपी में और शेष को हरियाणा में एकीकृत किया गया है।