चिकित्सक कम से कम दो वर्ष अपनी सेवायें ग्रामीण क्षेत्रों में दें: आनंदीबेन पटेल

चिकित्सक कम से कम दो वर्ष अपनी सेवायें ग्रामीण क्षेत्रों में दें: आनंदीबेन पटेल

राज्यपाल ने संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के दीक्षांत समारोह में चिकित्सकों को उपाधि प्रदान की

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के दीक्षांत समारोह में एम0डी0 के 22, डी0एम0 के 34, एम0सी0एच0 के 18, पी0एचडी0 के 6, पी0डी0सी0सी0 के 28, एम0एच0ए0 के 6 तथा बी0एससी0 नर्सिंग के 33 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की। राज्यपाल ने आउट स्टैडिंग रिसर्च इनवेस्टीगेटर के प्रोफेसर एस0आर0 नाईक अवार्ड से डाॅ0 संजय बिहारी को, एक्सीलेंस इन रिसर्च के प्रोफेसर एस0एस0 अग्रवाल अवार्ड से डाॅ0 सुव्रत आर्य को तथा बेस्ट डी0एम0 स्टूडेन्ट के प्रोफेसर आर0के0 शर्मा अवार्ड से डाॅ सुव्रत आर्य और डाॅ0 कृष्ण कुमार को संयुक्त रूप से सम्मानित किया। राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह में केन्द्रीय विद्यालय के 40 बच्चों को विशेष आमंत्री के रूप में बुलाया था ताकि बच्चे बड़े संस्थान देखें और नये सपने देखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा लें।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने दीक्षांत उद्बोधन में उपाधि प्राप्त करने वाले चिकित्सकों को गरीब और कमजोर वर्ग तथा ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिये ग्रामीण क्षेत्रों एवं मलिन बस्तियों में स्वास्थ्य कैम्प लगाने का आह्वान किया। चिकित्सक कम से कम दो वर्ष अपनी सेवायें ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदान करें। चिकित्सक दूर-दराज के गांवों में सेवा नहीं करना चाहते। जो चिकित्सक अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिये विदेश जाते हैं उन्हें अपनी मातृभूमि के साथ बंधन बनाये रखना चाहिये क्योंकि देश ने उनकी शिक्षा पर निवेश किया है। सामाजिक उत्तरदायित्व को समझते हुये गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायें। स्वस्थ व्यक्ति ही देश के विकास में अपना योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में अनुसंधान पर निरन्तर ध्यान दिया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान की सराहना करते हुये कहा कि प्रदेश की जनता संस्थान से उच्चकोटि की चिकित्सा सेवाओं की अपेक्षा करती है। चिकित्सा सेवा में मानवीयता के उच्चतम मापदण्ड अपनायें। रोगी के स्वस्थ होने के लिये चिकित्सक का सहृदय होना आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अगले तीन वर्षों में 75 नये कालेजों के खोलने का निर्णय लिया है तथा राज्य सरकार ने भी प्रदेश में 14 नये मेडिकल कालेज खोलने के प्रस्ताव भेजे हैं। नये मेडिकल कालेज खुलने से देश एवं प्रदेश में चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलेगी।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने संस्थान की ख्याति बढ़ाने के लिये सक्रिय सहयोग देने की बात कही। उन्होंने कहा कि एस0जी0पी0जी0आई0 से कोई मरीज बिना इलाज के न लौटे, ऐसी उनकी इच्छा है। अभी 1,250 बेड हैं, शीघ्र ही 500 बेड बढेंगे। चिकित्सक विनम्रता, परोपकार और सदाचार का ध्यान रखें। आम व्यक्ति चिकित्सक को भगवान समझता हैं इस विश्वास को बनाये रखें। दूसरों के हित से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि काम के बोझ के बावजूद संवेदनशील बने रहें।

राज्यमंत्री चिकित्सा शिक्षा संदीप सिंह ने कहा कि उपाधि प्राप्त करने वाले चिकित्सक नई तकनीक के आधार पर आम जनता को सुविधा उपलब्ध करायें। जनता के लिये परिश्रम और धैर्य से काम लें। उन्होंने कहा कि संस्थान प्रतिवर्ष विशिष्ट चिकित्सक तैयार करता है।

Lucknow, Uttar Pradesh, India