रोहित शर्मा ने धोनी की धीमी बल्लेबाज़ी का किया बचाव

रोहित शर्मा ने धोनी की धीमी बल्लेबाज़ी का किया बचाव

बर्मिंघम: विश्वकप 2019 में रविवार को भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम को 31 रन से हार का सामना करना पड़ा। मैच में रोहित शर्मा ने मौजूदा विश्व कप में तीसरा शतक जड़ा लेकिन इस बार वो टीम को जीत नहीं दिला पाए। ऐसे में मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित से विजय शंकर की जगह इंग्लैंड के खिलाफ रिषभ पंत को मौका दिए जाने के बारे में सवाल पूछा गया तो रोहित ने अपने मजाकिया अंदाज में दिए जवाब से सवाल पूछने वाले की बोलती बंद कर दी।

रोहित से पूछा गया कि क्या विराट आउट होने के 146/2 के स्कोर पर नंबर चार पर रिषभ पंत को बल्लेबाजी करने आता देख आपको आश्चर्य नहीं हुआ तो रोहित ने इसके जवाब में कहा, नहीं! उन्हें कोई आश्चर्य नहीं हुआ क्योंकि आप सभी चाहते थे कि रिषभ पंत नंबर चार पर खेले। भारत से लेकर यहां आने तक सब ये पूछ रहे थे कि कहां है रिषभ पंत, कहां है वो, तो वो नंबर चार पर है। इस सवाल के जवाब का आगे जवाब देते हुए टीम इंडिया के उपकप्तान ने कहा, उनके जैसे खिलाड़ी को भी मैदान में आकर थोड़ा जमने का मौका मिलना चाहिए था। इसलिए हार्दिक के बजाय उनको नंबर चार पर भेजने का फैसला सही था। वो अपना पहला मैच खेल रहे थे उनसे ज्यादा की आशा करना ठीक नहीं है जब वो अच्छा करते हैं तो अच्छा करते हैं। हम सभी उनकी क्षमता से वाकिफ हैं उन्हें विश्वास पाने की जरूरत है।

जब रोहित से ये पूछा गया कि विश्व कप के बीच में भी टीम मैनेजमेंट के सामने क्या नंबर चार पर बल्लेबाजी को लेकर अनिश्चिचता है तो रोहित शर्मा ने कहा कि कोई अनिश्चितता नहीं है। हमने शुरुआत में ही यह स्पष्ट कर दिया था कि विजय शंकर नंबर चार पर बल्लेबाजी करेंगे। इंग्लैंड के खिलाफ मैच मैच से पहले उनकी एंड़ी में चोट लग गई और इस वजह से उन्हें आज के मैच से बाहर जाना पड़ा वो मैच के लिए पूरी तरह फिट थे। उन्होंने आगे कहा कि सभी टीम में दो से तीन अनसेटल्ड खिलाड़ी हैं। जैसा कि हमने अबतक टूर्नामेंट में देखा है। सभी टीमें विराधी टीमों और परिस्थितियों के आधार पर टीम का संयोजन तैयार कर रही हैं। सभी टीमों में एक-दो बदलाव हो रहे हैं।

रोहित से जब पावरप्ले में स्लो बल्लेबाजी किए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, जब आप मैच हारते हैं तो इन बातों की संभावना बढ़ जाती है कि आपको मैच में क्यों हार मिली? शुरुआती विकेट खोने से आप दबाव में आ जाते हैं। केएल राहुल का विकेट हमने शुरू में गंवा दिया और इंग्लैंड ने शुरुआत में अच्छी गेंदबाजी की। ऐसी स्थिति में जो खिलाड़ी फॉर्म में होता है उसकी जिम्मेदारी होती है कि वो ज्यादा से ज्यादा समय तक बल्लेबाजी करे। ऐसे में मैनें और विराट ने बड़ी साझेदारी करने का प्लान बनाया। हमारा मानना था कि जितनी देर तक हम बल्लेबाजी करेंगे हम लक्ष्य के उतने करीब पहुंचते जाएंगे। इसके लिए हमने अपना समय लिया लेकिन उस समय बैटिंग करना थोड़ा मुश्किल था परिस्थितियां कठिन थीं। उसमें हम खुलकर बल्लेबाजी नहीं कर पा रहे थे।

धोनी और केदार के बारे में उन्होंन कहा कि दोनों बड़े शॉट्स खेलने की कोशिश कर रहे थे लेकिन अंत में पिच के धीमी होने की वजह से वो अपने प्रयास में सफल नहीं हो पा रहे थे। हमें इस बात की प्रशंसा करनी होगी कि इंग्लैंड की टीम ने उन परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाया। उन्होंन लंबी बाउंड्री का अच्छा उपयोग किया और अपनी गेंदबाजी में अच्छा मिश्रण किया और हमें पूरे मैच के दौरान गेस करने के लिए मजबूर करते रहे। इसका श्रेय उन्हें दिया जाना चाहिए।

कुलदीप और चहल की असफलता के बारे में कहा, सभी गेंदबाजों के लिए तब बड़ा चुनौतीपूर्ण होता है खासकर स्पिनर्स के लिए जब विरोधी टीम ने एक भी विकेट नहीं गंवाया है और दो पिच पर सेट हो चुके बल्लेबाजों के सामने आपको गेंदबाजी करनी पड़ती है। ऐसा ही आज हुआ इंग्लैंड को अच्छी शुरुआत मिली थी और जेसन रॉय और जॉनी बेयर्स्टो सेटल हो गए थे। ऐसे में उन्होंने इन दोनों गेंदबाजों को सेटल नहीं होने दिया। ऐसा शायद उन्होंने अपनी योजना के अनुरूप किया था। लेकिन ये दिन दोनों के लिए खराब था। हमने लगातार उन्हें शानदार गेंदबाजी करता और विरोधी टीम के बल्लेबाजों पर दबाव डालते देखा है। लेकिन इंग्लैंड ने हमारे खिलाफ अच्छी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग की इसलिए हमें मैच गंवाना पड़ा।

रोहित ने आगे कहा कि बेन स्टोक्स ने बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पलट दिया। जब वो बैटिंग करने आए तब तक हम मैच में थे लेकिन उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए स्कोर को 330 रन के आस-पास पहुंचा दिया। ऐसे में जब आप इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हैं तो बड़ी साझेदारी की जरूरत होता है जो हमने आज की लेकिन इसके अलावा एक एक्स फैक्टर पारी की जरूरत होती है जिसमें कोई 30-40 गेंद में 70 रन बना जाए। हालांकि हार्दिक ने ऐसी कोशिश की लेकिन वो बड़ी पारी नहीं खेल पाए। उनके लिए बेन स्टोक्स ने ऐसा किया और बैटिंग करके मैच का रुख पलट दिया।