मॉस्किटो रेपेलेंट्स के बारे में  मिथक  सच्चाई

मॉस्किटो रेपेलेंट्स के बारे में मिथक सच्चाई

मानसून के बाद गर्मियों के आने के साथ, मच्‍छरों की संख्‍या काफी ज्‍यादा बढ़ जाती है। ग्राहक मच्‍छरों तथा डेगू व मलेरिया जैसी बीमारियों के हमले से बचने के लिये अलग-अलग तरह के प्रोडक्‍ट ढूंढते हैं।

गुडनाइट एवं हिट जैसे ब्रांडों के साथ कीटनाशकों में बाजार अग्रणी गोदरेज कंज्‍यूमर प्रोडक्‍ट्स लिमिटेड में रिसर्च साइंटिस्‍ट और एंटमोलॉजिस्‍ट की टीम ने कुछ आम मिथकों पर से परदा उठाया है।

जीसीपीएल में ग्‍लोबल आरएंडडी प्रमुख डॉ. सुंदर महादेवन ने कहा, ‘लोगों के पास अपने परिवारों के लिये घर के अंदर और बाहर पर्याप्‍त सुरक्षा के इंतजाम होने चाहिये, क्‍योंकि मच्‍छरों के काटने का डर दिन और रात दोनों समय होता है। प्रमाणित, पंजीकृत प्रोडक्‍ट्स मच्‍छरों के खिलाफ प्रभावी सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं।’

कुछ मिथक और उससे जुड़े तथ्‍य इस प्रकार हैं:

मिथक1:

ब्रांडेड प्रोडक्‍ट्स में काफी हानिकारक केमिकल्‍स होते हैं तथ्‍य: इंडोर और आउटडोर दोनों उत्‍पादों में प्रासंगिक पंजीकरण होते हैं और ये प्रमाणित होने के साथ इस्‍तेमाल करने में पूरी तरह सुरक्षित होते हैं।

ब्रांडेड पंजीकृत रेपेलेंट्स और कीटनाशकों का आमतौर पर घरों में इस्‍तेमाल किये जाता है, इनमें मच्‍छरों से लड़ने के लिये ट्रांसफ्लुथ्रिन, डी-ट्रांस एलेथ्रिन जैसी ऐक्टिव सामग्रियां होती हैं। कई सालों और कठिन पंजीकरण प्रक्रिया से गुजरने के बाद इन सामग्रियों को सेंट्रल इंसेक्टिसाइड्स बोर्ड (सीआईबी) द्वारा प्रयोग में लाने के लिये प्रमाणित किया गया है। बोर्ड का यह प्रमाणपत्र सुरक्षा को लेकर कई सारी जांचों और इन प्रोडक्‍ट्स के प्रभाव को परखने के बाद दिया जाता है। इसलिये, उपलब्‍ध पंजीकृत उत्‍पाद प्रयोग में लाने के लिये वास्‍तव में पूरी तरह सुरक्षित होते हैं। हालांकि, अपंजीकृत उत्‍पादों की भी एक लंबी सूची है जिनका परीक्षण नहीं किया गया है और वे अवैध हैं।

पर्सनल रेपेलेंट्स में डीईबीए (एन, एन- डाईइथाइल बेंजेमाइड) या सिट्रोनेला तथा यूकेलिप्‍टस जैसे एसेंशियल ऑयल्‍स होते हैं। हालांकि, यह व्‍यक्तिगत रूप से इस्‍तेमाल करने के लिये होते हैं, इसलिये इन्‍हें फूड एंड ड्रग एडमिनिस्‍ट्रेशन से अनुमति लेने की जरूरत होती है। इनकी सुरक्षा, किसी की त्‍वचा पर लगाने से किस तरह की प्रतिक्रिया होती है और उसके प्रभाव के लिए परीक्षण किया जाता है।

मिथक 2:

मच्‍छर केवल शाम और रात में ही सक्रिय होते हैं

तथ्‍य: डेंगू तथा चिकन‍गुनिया जैसी बीमारियां फैलाने वाले एडीज़ मच्‍छर दिन के समय घर के बाहर और भीतर सक्रिय होते हैं। भारत में सामान्‍यत: पाया जाने वाला एनाफिलीज मच्‍छर जोकि मलेरिया फैलाते हैं, ज्‍यादातर रात के समय सक्रिय होते हैं।

इसलिये यह जरूरी है कि दिन और रात के समय ज्ञात फॉर्मेट का ही प्रयोग करें जैसे अपने घर के अंदर सुरक्षा के लिये इलेक्ट्रिक लिक्विड वेपोराइज़र और मॉस्किटो स्‍प्रेज तथा घर के बाहर सुरक्षा के लिये रोल-ऑन और पैचेज जैसे पर्सनल रेपेलेंट्स का प्रयोग करें।

मिथक 3:

डेंगू साल के केवल कुछ ही महीनों के दौरान होता है

तथ्‍य: भारत सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के हेल्‍थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्‍टम द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यह पता चला है कि डेंगू के मामले पूरे साल भर दर्ज होते हैं। अक्‍टूबर 2017 से सितंबर 2018 के बीच डेंगू के लगभग 3.25 लाख मामले दर्ज किये गये, यानी हर महीने मामलों के दर्ज होने का औसत ~27,000 रहा।

यूं तो डेंगू मानसून के दौरान और उसके बाद सबसे ज्‍यादा संख्‍या में होता है, जब मच्‍छर वापस लौटते हैं, फिर भी इसका कोई तय समय नहीं होता। इसलिये,यदि आप मानसून के चरम वाले मौसम में अपने परिवार को सुरक्षा देना चाहते हैं तो आपको यह याद रखने की जरूरत है कि डेंगू पैदा करने वाले मच्‍छर पूरे साल मौजूद होते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि घर पर रहने और बाहर जाने के दौरान हर समय मच्‍छरों से बचने के लिए उचित एहतियात बरतने एवं उपाय अपनाने की जरूरत है।

मिथक 4:

‘मीठे खून’ वाले इंसानों की तरफ मच्‍छर आकर्षित होते हैं

तथ्‍य: हमारी सांसों में जो कार्बन डाइ ऑक्‍साइड बाहर आता है, शरीर की गर्मी और लैक्टिक एसिड के स्राव के प्रति मच्‍छर आकर्षित होते हैं। शोध प्रयोगों से यह बात पता चली है कि ए पॉजिटिव ब्‍लड ग्रुप के लोगों से दोगुना ओ पॉजिटिव ब्‍लड ग्रुप वाले लोगों की तरफ मच्‍छर ज्‍यादा आकर्षित होते है।

फिर भी इस बारे में कोई भी शोध यह साबित नहीं करता है कि कोई भी व्‍यक्ति पूरी तरह से मच्‍छरों के काटने से सुरक्षित है। यहां तक कि मच्‍छर के केवल एक बार काटने से भी मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया या अन्‍य मच्‍छरजनित संक्रमण हो सकते हैं। विशेषज्ञ इलेक्ट्रिक लिक्विड वैपोराइज़र, स्‍प्रे या पर्सनल रेपेलेंट्स जैसे रोल ऑन या पैचेज लगाने की सलाह देते हैं, जोकि सरकारी संस्‍थानों द्वारा पर्याप्‍त सुरक्षा के लिये प्रमाणित हों।

मिथक 5:

मच्‍छर गंदे पानी और नालियों में पनपते हैं

तथ्‍य: एडीज मच्‍छर जोकि डेंगू फैलाते हैं आपके घर के साफ पानी में भी पनप सकते हैं। गमले, कूलर/एसी ट्रे, फ्रिज ट्रे, बिना ढंकी हुई बाल्टियां , उनके पनपने की आम जगहें होती हैं।

अपने घर में कहीं भी रुका हुआ पानी ना रहने दें। उपरोक्‍त बताये गये स्रोतों में बेवजह पानी इकट्ठा ना होने दें। बारीक जाली से संग्रह किये गये पानी को ढंकें।

जब भी घर से बाहर निकलें, हमेशा मॉस्किटो रेपेलेंट्स लगाकर जायें।