यूपीए 2 में बेहतर थे गांवों के हालत

यूपीए 2 में बेहतर थे गांवों के हालत

नोटबंदी, GST से बाजार के FMCG और Auto सेक्टर पर पड़ी मार

नई दिल्ली: बाजार के विभिन्न सेग्मेंंट्स में ग्रोथ के आंकड़े सामने आ रहे हैं। ऐसे में कुछ सेक्टर्स ऐसे हैं जिन पर जीएसटी और नोटबंदी की मार प्रत्यक्ष रूप से पड़ी है। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मनमोहन सिंह की नेतृत्व वाली यूपीए के मुकाबले एनडीए की सरकार में दैनिक जरूरतों से लेकर कार और बाइक का बाजार ठंडा रहा है। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम जिनमें टीवी, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर्स शामिल हैं, इनके बाजार में अच्छी-खासी बढ़ोतरी जरूर हुई है। ब्रिटेन स्थित शोधकर्ता यूरोमॉनिटर इंटरनेशल के आंकड़ों के मुताबिक 2014 के बाद से भारत में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है।

WPP के स्वामित्व वाली अनुसंधान एजेंसी कंटार वर्ल्डपैनेल और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा पिछले 10 वर्षों के सालाना विकास के आंकड़ों के अनुसार, 2014 तक एफएमसीजी उत्पादों और यात्री वाहनों के उत्पादन और उपभोक्ताओं की डिमांड में काफी इजाफा देखा गया। लेकिन, नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद पिछले दो सालों में अधिकांश व्यापार के अधिकांश सेग्मेंट में गिरावट दर्ज की गई। यही वहीं, यूपीए के मुकाबले एनडीए की सरकार में ग्रामीण खपत वृद्धि में भी कमी देखी गई है।

इकोनॉमिक्स टाइम्स ने पारले प्रॉडक्ट्स के सीनियर कैटगरी हेड कृष्णा राव के हवाले से बताया है कि जीएसटी या नोटबंदी जैसे नीतिगत फैसलों से खपत वृद्धि में थोड़ी देर के लिए बाधा पैदा होती है। लेकिन, इस पहल की वजह से लंबी अवधि में मांग को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, सिटी रिसर्च की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य कीमतों में मामूली उलटफेर से ग्रामीण खपत वृद्धि में काफी सहयोग मिलेगा। साथ ही आगामी दिनों में योजनाओं का सही ढंग से लागू करना भी काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है।