राम की नगरी में प्रियंका ने बताया भाजपा की कथनी और करनी में अंतर

राम की नगरी में प्रियंका ने बताया भाजपा की कथनी और करनी में अंतर

लखनऊ: राम की नगरी अयोध्या में प्रियंका गांधी ने जहाँ बेरोजगारी और किसानों का जिक्र कर मोदी सरकार को घेरा वहीँ उन्होंने कांग्रेस की ‘न्याय’ - न्यूनतम आय योजना के बारे में भी लोगों को विस्तार से समझाया| उन्होंने कहा कि इस सरकार में लोगों की तकलीफ सुनने वाला कोई नहीं है। मोदी सरकार ने लोगों को धोखा दिया औक ये किसान विरोधी सरकार है। यही नहीं बीजेपी की कथनी और करनी में अंतर है। इस सरकार में बेरोजगारी का दर पिछले 45 वर्षों में सबसे ज्यादा है, नौजवान एक अदद नौकरी के लिए धक्का खा रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार का खजान उद्योगपतियों के लिए खुला हुआ है।

विजय माल्या, नीरव मोदी जैसे लोग हजारों करोड़ रुपये लेकर देश छोड़कर चले जाते हैं। भारत के बैंकिंग सिस्टम को खुलेआम ठेंगा दिखाते हैं।लेकिन यह सरकार उनके लिए रेड कॉर्पेट बिछाती है।सैन्य बलों की बहादुरी को मोदी सरकार कैश कर रही है। लेकिन हकीकत ये है कि पैरामिलिट्री फोर्स के लोगों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार होता है। देश के वीर जवान सीमा पर शहादत देते हैं। लेकिन उनके परिवार वालों का हाल क्या है उसके बारे में सरकार का कोई नुमाइंदा संवेदनशील नहीं है।

अयोध्या में वाराणसी का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि हाल ही में उन्होंने वाराणसी का दौरा किया था। वहां कुछ गांवों का दौरा किया और पूछा कि क्या पीएम मोदी गांव आते हैं तो लोगों का जवाब था कि वो कभी नहीं आते हैं। लेकिन उन्हें आश्चर्य हुआ कि और इसके पीछे वजह भी साफ थी। पीएम मोदी जिस अंदाज में खुद का महिमामंडन करते हैं उससे उन्हें लगा कि वो कुछ काम कर रहे हैं। पीएम मोदी पूरे विश्व का दौरा किया लोगों को अपने गले लगाया। लेकिन अपने लोगों को गले लगाना भूल गए।

अयोध्या के रास्ते में प्रियंका गांधी कुमारगंज कस्बे में रुकीं और महिलाओं के साथ अपने विचारों को साझा किया। उन्होंने महिलाओं से बातचीत के क्रम में पूछा कि मोदी सरकार जितने भी वादे कर रही है क्या वो पूरे हुए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हर घर में बिजली, हर घर में गैस कनेक्शन, हर घर में इज्जत घर और न जाने कितने वादों को जमीन पर उतारने की बात करती है। लेकिन अवध इलाके में महिलाओं का जो हाल है उसे देखकर किसी के लिए भी अंदाजा लगाना आसान होगा कि जमीन पर कुछ भी बदला नहीं है।

Uttar Pradesh, India