पासपोर्ट इंडेक्स : मालद्वीप से भी काफी कमजोर है भारत का पासपोर्ट, जापान पहले नंबर पर

पासपोर्ट इंडेक्स : मालद्वीप से भी काफी कमजोर है भारत का पासपोर्ट, जापान पहले नंबर पर

नई दिल्ली: एशिया का सबसे छोटा देश है मालदीव. हिंद महासागर के द्वीप में स्थित इस देश की न केवल जनसंख्या कम है बल्कि क्षेत्रफल भी बहुत कम है. मगर इस देश का पासपोर्ट भारत से भी मजबूत है. भारत के पासपोर्ट पर आपको जहां सिर्फ 60 देशों में बिना वीजा के जाने की सुविधा मिलती है, वहीं मालदीव जैसे छोटे देश के पासपोर्ट पर दुनिया के 87 देश बिना वीजा के लोगों को आने की सुविधा देते हैं. इस सुविधा को वीजा ऑन एराइवल कहते हैं। यानी आपको संबंधित देश के लिए उड़ान भरते समय अलग से वीजा लेकर चलने की जरूरत नहीं होती, बल्कि पहुंचने पर संबंधित देश वीजा मुहैया कराता है. अमेरिकी फर्म हेन्ले की ओर से जारी ग्लोबल पासपोर्ट रैकिंग में जहां मालदीव को 58 वीं रैंक मिली है, वहीं भारत को इससे काफी कम 81 वें स्थान से संतोष करना पड़ा है.

हालांकि, भारतीय पासपोर्ट की रैकिंग पड़ोसी देशों से जरूर मजबूत है. साथ ही पिछले साल की तुलना में भारत के पासपोर्ट की रैकिंग में छह पायदान का भी इजाफा हुआ है. वर्ष 2017 में भारत 87 वें स्थान पर था. वर्ष 2018 की यह रैकिंग हर वर्ष की तरह अमेरिकी फर्म हेन्ले एंड पार्टनर्स(Henley passport index) ने जारी की है. इस फर्म की ओर से देखा जाता है कि किस देश के पासपोर्ट पर कितने देश मुफ्त और आसानी से वीजा देते हैं, उसके आधार पर रैकिंग तय की जाती है. जिस देश के पासपोर्ट पर सबसे ज्यादा देश वीजा ऑन एराइवल की सुविधा देते हैं, उस देश का पासपोर्ट ज्यादा शक्तिशाली(पॉवरफुल) माना जाता है.

जापान के पासपोर्ट को नंबर 1 रैकिंग नसीब हुई है. जापान के पासपोर्ट पर दुनिया के 190 देश वीजा ऑन एराइवल देते हैं. जबकि दूसरे स्थान पर सिंगापुर और तीसरे स्थान पर जर्मनी, फ्रांस और संयुक्त कोरिया हैं. इन देशों के पासपोर्ट पर क्रमशः 189 और 188 देश वीजा ऑन एराइल की सुविधा देते हैं. इसी तरह चौथे स्थान पर डेनमार्क, इटली, स्वीडन, स्पेन(187), पांचवे स्थान पर नॉर्वे, यूके, ऑस्ट्रिया, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, पुर्तगाल और यूएस हैं. पांचवें नंबर के इन सभी देशों के पासपोर्ट पर 173 देशों में वीजा ऑन एराइवल की सुविधा मिलती है.

भारतीयों को दुनिया के 60 देश बिना वीजा के आने की अनुमति प्रदान करते हैं. इनमें एशिया में भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मकाओ, मालदीव, नेपाल, श्रीलंका, थाईलैंड हैं, वहीं अफ्रीका में इथोपिया, केन्या बेनिना, यूरोप के सर्बिया, यूक्रेन, ट्यूनीशिया, टोगो, सोमालिया आदि देश, वहीं अमेरिकी महाद्वीप के बोलिविया, एक्वाडोर, सूरीनेम जैसे देश बिना वीजा के आने की अनुमति देते हैं. इसी तरह से मध्य पूर्व के देशों में ईरान, जॉर्डन, कतर और अर्मेनिया भी भारत के पासपोर्ट पर वीजा ऑन एराइवल सुविधा प्रदान करते हैं. कैरेबियाई देशों की बात करें तो ब्रिजिट वर्जिन आइसलैंड, जमैका, सेंट लुसिया जैसे देश यह सुविधा देते हैं.

दरअसल वीजा एक ऐसा दस्तावेज है, जो किसी देश में दाखिल होने की अनुमति प्रदान करता है. हर देश में वीजा को लेकर अलग-अलग नियम है. वीजा ऑन एराइवल की सुविधा का मतलब होता है कि किसी देश में पहुंचने के बाद वीजा मिलना. दरअसल किसी देश के पासपोर्ट पर अन्य देश वीजा ऑन एराइवल की सुविधा देते हैं. बानगी के तौर पर भारतीय वीजा पर दुनिया के 60 देश वीजा ऑन एराइवल की सुविधा देते हैं. मतलब अगर कोई भारतीय इन देशों में घूमने जाएगा तो उसे वहां जाने पर आसानी से वीजा मिल जाएगा. कुछ देश मुफ्त सुविधा देते हैं तो कुछ इसके लिए फीस लेते हैं. हालांकि सरकार ने अब सरकार ने वीजा-ऑन-अराइवल का नाम बदलकर ई-टूरिस्‍ट रख दिया है.

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