भारत मनाएगा दान उत्सव की दसवीं सालगिरह

भारत मनाएगा दान उत्सव की दसवीं सालगिरह

भारत में दान महोत्सव की दसवीं सालगिरह का आयोजन 2 से 8 अक्टूबर 2018 के बीच किया जाएगा। यह महोत्सव भारत में परोपकारिता के लिए सबसे बड़ा मंच है जिसमें एनजीओ, कोरपोरेट, स्कूल, काॅलेज, समुदाय और सेलेब्रिटीज़ हिस्सा लेंगे। इस मंच के माध्यम से कंपनियों के सीएक्सओ से लेकर गृहिणियां, सब्ज़ी विक्रेताओं से लेकर डिज़ाइनर, स्कूली बच्चों से लेकर कंपनियों के कर्मचारी- सभी लोग समाज कल्याण के लिए अपने समय, कौशल एवं धन का दान देंगे। महोत्सव के 2017 संस्करण में देश भर के 200 शहरों, नगरों और गांवों से 6 मिलियन लोगों ने हिस्सा लिया था।

महोत्सव के दसंवें संस्करण के दौरान बड़े पैमाने पर कई रोचक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। मुंबई में 2000 से अधिक स्वयंसेवी 6 अक्टूबर को बीएमसी स्कूलों के बच्चों केे लिए आर्ट पाठशाला का संचालन करेंगे, उन्हें पेपर बैग बनाना सिखाएंगे और पर्यावरण के बारे में जागरुकता फैलाने का प्रयास करेंगे। चेन्नई में हज़ारों नागरिक 2 अक्टूबर को स्वच्छता कर्मियों के लिए ‘थैंक्यू’’ मील का आयोजन करेंगे। बैंगलोर में सप्ताह के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में 100 खेल के मैदान स्थापित किए जाएंगे। दिल्ली में पुस्तक दान अभियान का आयोजिन किया जाएगा। कोलकाता में पुजोर जामा के तहत हज़ारों नए कपड़े ज़रूरतमंद बच्चों को दान में दिए जाएंगे।

इस दौरान न केवल देश के बड़े महानगरों बल्कि छोटे शहरों एवं नगरों में भी कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जैसे पश्चिम में तिलोनिया एवं असागाओ, पूर्व में त्रिपुरा के विभिन्न भागों, उत्तर में नैनीताल तथा छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावी क्षेत्रों में भी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उड़ीसा के गांवों में सेवा महोत्सवों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी जिसमें हज़ारों ग्रामीण बढ़चढ़ कर हिस्सा लेंगे।

बड़े पैमाने पर इस साल भी राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम जारी रहेंगे। देश भर के 20 शहरों में गूंज रुदान उत्सव की बसें शहर भर में यात्रा करेंगी और उन्हें कपड़े, स्टेशेनरी, खिलौने एवं अन्य सामग्री दान में देने केे लिए प्रोत्साहित करेंगी। कई शहरों में सैंकड़ों आईओसी पेट्रोल पम्प भी इस पहल में अपना योगदान देंगे। आज के इस डिजिटल युग में आॅनलाईन प्लेटफाॅर्म भी इस पहल में पीछे नहीं रहेंगे, लोग विभिन्न ई-काॅमर्स एवं आॅनलाईन ग्राॅसरी प्लेटफाॅर्म, टैªवल पोर्टल, कैब एग्रीगेटर्स एवं फूड डिलीवरी सर्विसेज़ के माध्यम से भी दान दे सकेंगे।