सत्ता के आखिरी साल में अकाली दल को मिला 60 गुना ज़्यादा चंदा: ADR

सत्ता के आखिरी साल में अकाली दल को मिला 60 गुना ज़्यादा चंदा: ADR

नई दिल्ली: पंजाब की विपक्षी पार्टी और बीजेपी की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब की सत्ता में रहते हुए आखिरी साल यानी 2016-17 के दौरान खूब चंदे जमा किए हैं। साल 2015-16 की तुलना में साल 2016-17 में अकाली दल के चंदे में 60 गुना की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। हालांकि, सर्वाधिक चंदा हासिल करने वाले क्षेत्रीय दलों में शिव सेना सबसे आगे है और आम आदमी पार्टी दूसरे नंबर पर है। अकाली दल का नंबर तीसरे नंबर पर है। चुनाव से जुड़े पहलुओं और राजनीतिक दलों पर नजर रखने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिसर्च (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक 2016-17 के दौरान अकाली दल को 15.45 करोड़ रुपये चंदा हासिल हुए। पिछले साल 2015-16 में अकाली दल को 0.26 करोड़ ही चंदा मिला था। यानी सालभर में उसे करीब 60 गुना चंदा अधिक मिला। 2016-17 में शिव सेना को 25.65 करोड़ और आप को 24.73 करोड़ रुपये चंदा मिले।

चंदा के मामले में समाजवादी पार्टी क्षेत्रीय दलों में चौथे नंबर पर है। उसे 2016-17 के दौरान कुल 6.91 करोड़ रुपये चंदा मिला है। क्षेत्रीय दलों को मिले कुल चंदा का करीब 72.05 फीसदी य़ानी 65.83 करोड़ पर सिर्फ तीन दलों शिव सेना, आप और अकाली दल का कब्जा है। हालांकि, पिछले साल यानी 2015-16 की तुलना में शिव सेना के चंदे में 70 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

2015-16 में शिव सेना को 86.84 करोड़ चंदा मिला था जो 2016-17 में घटकर 25.65 करोड़ रह गया। आप को 2015-16 में 6.07 करोड़ रुपये चंदा मिले थे जो एक साल में बढ़कर साल 2016-17 में 24.73 करोड़ रुपये हो गया।

चंदा देने वालों में दिल्ली सबसे आगे है। साल 2016-17 में दिल्ली वालों ने सभी क्षेत्रीय दलों को कुल 20.86 करोड़ रुपये चंदा दिए जबकि महाराष्ट्र ने 19.7 करोड़, पंजाब ने 9.42 करोड़, कर्नाटक ने 8.24 करोड़ और आंध्र प्रदेश ने कुल 1.61 करोड़ रुपये क्षेत्रीय दलों को बतौर चंदा दान किया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चुनाव आयोग ने सभी दलों से 20,000 रुपये से ऊपर के सभी चंदों का विवरण देना अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही सभी राजनीतिक दलों को आय-व्यय का सालाना विवरण भी आयोग को देना होता है।

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