मणिपुर फर्जी एनकाउंटर मामले में CBI निदेशक को SC ने लगाईं लताड़

मणिपुर फर्जी एनकाउंटर मामले में CBI निदेशक को SC ने लगाईं लताड़

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर फर्जी एनकाउंटर मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक को लताड़ लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से सवाल किया है कि मणिपुर एनकाउंटर केस में अगर चार्जशीट फाइल हो चुकी है तो अब तक किसी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है? सुप्रीम ने कहा 'अगर हम सीबीआई की मानें तो मणिपुर में इस वक्त चार हत्यारे खुले घूम रहे हैं, अगर यही सब चलता रहा तो समाज का क्या हाल होगा?' सुप्रीम कोर्ट के इन सवालों का सीबीआई ने जवाब दिया है।

केन्द्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मणिपुर में सेना, असम राइफल्स और राज्य पुलिस द्वारा कथित फर्जी मुठभेड़ों के मामलों में दो आरोप पत्र दाखिल किए हैं और 31 अगस्त तक पांच अन्य मामलों में भी अंतिम रिपोर्ट दायर कर दी जाएगी। नयायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति उदय यू ललित की पीठ को जांच ब्यूरो के निदेशक आलोक कुमार वर्मा ने बताया कि मणिपुर फर्जी मुठभेड़ के मामलों के संबंध में कथित रूप से हत्या, आपराधिक साजिश और साक्ष्य नष्ट करने के लिये आरोप पत्र में 14 व्यक्तियों को नामित किया गया है।

उन्होंने कहा कि एनकाउंटर के पांच अन्य मामलों में जांच ब्यूरो 31 अगस्त तक अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करेगा और 20 अन्य ऐसे मामलों की जांच दिसंबर के अंत तक पूरी हो जाएगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में कथित फर्जी मुठभेड़ मामलों की जांच पर नाराजगी व्यक्त करते हुये जांच ब्यूरो के निदेशक आलोक कुमार वर्मा को तलब किया था। न्यायालय के इसी आदेश पर वह आज व्यक्तिगत रूप से हाजिर हुये थे।

हालांकि, न्यायालय ने हत्या, आपराधिक साजिश और साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में आरोप पत्र में नामित व्यक्तियों को गिरफतार करने या नहीं करने का निर्णय जांच ब्यूरो के निदेशक और एसआईटी के प्रभारी के विवेक पर छोड़ दिया है। इस मामले में न्यायालय अब 20 अगस्त को आगे सुनवाई करेगा। न्यायलाय मणिपुर में कथित रूप से हत्याओं के 1528 से अधिक मामलों की जांच के लिये दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है। न्यायालय ने इस मामले में पिछले साल 14 जुलाई को विशेष जांच दल गठित किया था और उसे प्राथमिकी दर्ज करके उनकी जांच का आदेश दिया था।

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