केजरीवाल ने योगी आदित्यनाथ से इस्तीफ़ा क्यों माँगा

केजरीवाल ने योगी आदित्यनाथ से इस्तीफ़ा क्यों माँगा

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि अगर उनकी सरकार ताज महल की देखभाल करने में सक्षम नहीं है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। केजरीवाल की यह तल्ख टिप्पणी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय में दिये गए उस हलफनामे के बाद आई है जिसमें उसने कहा था कि इस स्मारक को केंद्र सरकार की ‘‘ विरासत को गोद लो योजना ’’ के तहत लाया जा सकता है। इस योजना के तहत निजी व सार्वजनिक कंपनियों की सेवा विरासत स्मारकों की साफ सफाई और नागरिक सुविधाओं के लिये ली जा सकती है। केजरीवाल ने ट्वीट किया , ‘‘ तब एक कंपनी को मुख्यमंत्री की कुर्सी भी गोद लेने दीजिए ? अगर भाजपा एक स्मारक का रखरखाव नहीं कर सकती , उसे इस्तीफा दे देना चाहिए।

आपको बता दें कि ट्रिपएडवाइजर ने ट्रैवलर्स चॉइस अवार्डस के विजेताओं में ताजमहल को दुनिया में छठा, एशिया में दूसरा स्थान और भारत में सर्वोच्च स्थान हासिल हुआ है। 17वीं सदी के प्यार के स्मारक ताजमहल को प्रदूषण से होने वाले खतरे को उजागर करने के लिए पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने पिछने दिनों यमुना नदी के किनारे पोस्टरों व बैनर के साथ जुलूस निकाला। कार्यकर्ता देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा कि इस गर्म मौसम में ताज को लगातार नुकसान पहुंच रहा है, क्योंकि नदी का तल सूख चुका है।

उन्होंने कहा, “हालांकि, योगी सरकार ने यमुना पर ताजमहल की प्रवाह की दिशा में एक बैराज की घोषणा की है, लेकिन इसकी आधारशिला रखने के लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है।” प्रदर्शनकारियों ने कहा, “हम नदी में पानी का बेरोक प्रवाह चाहते हैं, जिससे ताजमहल, आगरा किला, एतिमाद-उद-दौला मकबरे और राम बाग में बदलाव सुनिश्चि हो और वायु प्रदूषण में कमी लाई जा सके।”

नदी जोड़ो अभियान के रंजन शर्मा व शैलेंद्र सिंह नरवार ने आईएएनएस से कहा, “हम बीते कई सालों से जुलूस निकाल रहे हैं और बैठकें कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कुछ भी काम नहीं हुआ, जहां बहुत से विश्व विरासत स्मारक हैं।”