पीएम, रक्षा मंत्री के खिलाफ कांग्रेस ने दिया विशेषाधिकार हनन नोटिस

पीएम, रक्षा मंत्री के खिलाफ कांग्रेस ने दिया विशेषाधिकार हनन नोटिस

नई दिल्ली: कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया. कांग्रेस ने दोनों पर राफेल विमान सौदे को लेकर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया है.

सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से सुमित्रा महाजन को दिए गये इस नोटिस में आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 20 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए सदन को ‘गुमराह करने वाला बयान’ दिया.

खड़गे ने कहा, ‘‘लोकसभा में कार्यवाही एवं प्रक्रिया के नियम 222 के तहत मैं सदन को गुमराह करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस देता हूं.’’ रक्षा मंत्री के खिलाफ ऐसे ही एक अन्य नोटिस में पार्टी ने कहा कि 20 जुलाई को चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए निर्मला सीतारमण सदन को ‘गुमराह करने वाला’ बयान दिया था उसको लेकर उनके खिलाफ विशेषाधिकार का नोटिस दिया जाता है.

राफेल फाइटर जेट की खरीदारी की जानकारी को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग जारी है. दोनों ही पार्टियां एक दूसरे पर सदन को गुमराह करने के आरोप लगा रही हैं. कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री ने संसद को गुमराह किया है, ये विशेषाधिकार का हनन है. वहीं, इससे पहले बीजेपी सासंदों ने कांग्रेस अध्यक्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया था.

लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फ्रांस के साथ हुए राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर गड़बड़ी के आरोप लगाए थे. राहुल ने पीएम और रक्षा मंत्री से राफेल की कीमत बताने की मांग भी की थी. जवाब देते हुए पीएम ने कहा था कि ये दो देशों के बीच समझौता है. रक्षा मंत्री ने भी सीक्रेसी क्लॉज़ का हवाला देते हुए कीमत बताने से इनकार कर दिया था.

कांग्रेस का कहना है कि सौदे में सीक्रेसी क्लॉज़ जैसी कोई व्यवस्था नहीं और पीएम व रक्षा मंत्री दोनों ने सदन को गुमराह किया. सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने विशेषधिकार हनन प्रस्ताव लाने का संकेत भी दिया.

वहीं बीजेपी शुरू से ही इस मामले में यह कहती रही है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर कीमतों का खुलासा नहीं हो सकता. कांग्रेस ने तर्क दिया कि सरकार ने कुछ महीने पहले एक सवाल के जवाब में राज्य सभा में राफेल की कीमत का खुलासा किया था,तो अब एक बार फिर नई कीमत बताने में क्या दिक्कत है. बीजेपी ने कांग्रेस के राफेल सौदे में घोटाले के आरोपों को भी खारिज़ कर दिया.

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