अखिलेश यादव का राज्यपाल राम नाइक से सवाल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों ने सरकारी बंगले खाली कर दिए हैं. लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खाली किए बंगले को लेकर रार थमने का नाम नहीं ले रही है. अखिलेश यादव पर बंगले में तोड़फोड़ और क्षतिग्रस्त करने के आरोप लगे. मामले में राज्यपाल राम नाईक ने भी सीएम योगी को पत्र लिखकर मामले को गंभीर माना और जांच के लिए कहा है.

राज्यपाल की सीएम योगी पर चिट्ठी पर अखिलेश यादव ने कहा कि सोए हुए लोग भी जाग गए. जिन्होंने प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री पर रिश्वत के आरोप की चिट्ठी लिखी थी, उसमे क्या हुआ? अखिलेश ने कहा कि हम तो बच्चों को अपने पैसे से लैपटॉप दे रहे हैं. हम पर टोटी का आरोप लगा रहे हैं. सरकार जाने के बाद यही अधिकारी आपके आवास से चिलम ढूढ़ के लाएंगे. उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाएंगे जनता जवाब देगी.

अखिलेश ने कहा कि हमारा और मायावती का घर खाली करा दिया, जनता इन्हें सबक सिखाएगी. गांधी जी का भी अपमान किया गया था. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करता हूं, पर सरकारें षड्यंत्र करती हैं. अखिलेश ने कहा कि मेरे घर में कोई स्वीमिंग पूल नहीं था. सरकारें कागज से चलती हैं, तो कागज़ से कागज़ मिला लो.

बता दें इससे पहले उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मंगलवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खाली किये गये सरकारी आवास में तोड़फोड़ के प्रकरण में कानून के अनुसार समुचित कार्रवाई की जाए. राजभवन के एक प्रवक्ता ने कहा कि राज्यपाल ने पत्र में उल्लेख किया, 'अखिलेश यादव को चार, विक्रमादित्य मार्ग पर आवंटित आवास को खाली किये जाने से पूर्व उसमें की गई तोड़फोड़ और उसे क्षतिग्रस्त किये जाने का मामला मीडिया व जनमानस में चर्चा का विषय बना हुआ है.'

पत्र में कहा गया, 'यह एक नितान्त अनुचित और गम्भीर मामला है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित किये गये शासकीय आवास राज्य सम्पत्ति के कोटे में आते हैं, जिनका निर्माण व रख-रखाव सामान्य नागरिकों द्वारा दिये जाने वाले विभिन्न प्रकार के करों से होता है.' उन्होंने कहा कि राज्य सम्पत्ति को क्षति पहुंचाये जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विधि अनुसार समुचित कार्रवाई की जाये.

राज्यपाल ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के उपरान्त उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को राज्य सरकार द्वारा आवंटित आवासों को रिक्त किये जाने के प्रकरण का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सम्पत्ति विभाग के अधिकारियों को बुलाकर जानकारी ली. प्रवक्ता के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवासों की वीडियोग्राफी कराई गई है और चार, विक्रमादित्य मार्ग स्थित सरकारी आवास में तोड़फोड़ होने की बात भी सामने आई है.