लखनऊ: कुशीनगर में गुरुवार को हुए स्कूल वैन और ट्रेन की टक्कर में 13 घरों के चिराग बुझ गए. इस भीषण हादसे की पहले वजह सामने आई है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ड्राइवर ने कान में इयरफोन लगा रखा था. इतना ही नहीं ट्रेन को देखने के बाद भी ड्राइवर ने ट्रैक क्रॉस करने का दुस्साहस किया. नतीजा रहा कि 13 बच्चों की मौत हो गई जबकि हादसे में ड्राइवर समेत सात लोग गंभीर रूप से घायल हैं.

वारदात के वक्त मौके पर मौजूद एक बाइक सवार ने कहा कि ट्रेन हॉर्न बजा रही थी. बावजूद इसके ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी और क्रासिंग पार करने की कोशिश की. प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन 50 मीटर दूर जाकर गिरी. प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ट्रेन के ड्राइवर ने ब्रेक लगाया लेकिन स्पीड इतनी थी की हादसा टाला नहीं जा सका.

वहीं, अन्य लोगों का कहना है कि ड्राइवर ने कान में इयरफोन लगा रखा था. उसने ट्रेन को देखा, लेकिन जल्दबाजी की वजह से क्रासिंग पार करने की कोशिश की. पूरे मामले में वैन के ड्राइवर की लापरवाही सामने आ रही है. लेकिन रेलवे की लापरवाही भी सामने आ रही है. क्रासिंग पर कोई गैंगमैंन तैनात नहीं था.

हादसे पर सीपीआरओ पूर्वोत्तर रेलवे संजय यादव ने कहा कि प्रथम दृष्टया वैन ड्राइवर की गलती नजर आ रही है. उन्होंने कहा कि नियमानुसार ड्राइवर को रुकना चाहिए थे और देखना चाहिए था कि ट्रेन आ रही है कि नहीं. लेकिन जल्दबाजी के चक्कर में उसने ट्रैक क्रॉस करने की कोशिश की और हादसा हो गया. मामले में रेलवे ने जांच के आदेश दे दिए हैं.

रेलवे मंत्री पियूष गोयल ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मामले में सीनियर अधिकारियों को जांच के आदेश दे दिए गए हैं. रेलवे की तरफ से मृतक बच्चों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये आर्थिक मुआवजा देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने भी मृतक बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है.