बार काउंसिल को जजों के झगडे में राहुल के बोलने पर अफ़सोस, सरकार को सराहा

बार काउंसिल को जजों के झगडे में राहुल के बोलने पर अफ़सोस, सरकार को सराहा

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में जजों के बीच उपजे विवाद को सुलझाने की कोशिश शुरू हो गई है। इस बावत शनिवार (13 जनवरी) को बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने एक अहम बैठक की। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मन्न्न कुमार मिश्रा ने कहा कि उन्होंने एकमत से 7 सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। यह प्रतिनिधिमंडल सुप्रीम कोर्ट के जजों से मुलाकात करेगा। बार काउंसिल ने कहा कि वह इस विवाद का जल्द से जल्द समाधान चाहते हैं। मन्नन कुमार मिश्रा ने कहा कि यह दुखद है कि हमने राहुल गांधी और दूसरे राजनीतिक दलों को न्यायपालिका के बारे में बोलने का मौका दिया है। उन्होंने कहा, ‘मैं राहुल गांधी और दूसरी पार्टियों से अपील करूंगा कि वे इस मामले का राजनीतिकरण ना करें।’ बार काउंसिल ने कहा कि प्रधानमंत्री और कानून मंत्री ने कल ही कह दिया था कि यह न्यायपालिका का अंदरुनी मामला है, और सरकार इसमें शिरकत नहीं करेगी। काउंसिल के मुताबिक यह संस्था सरकार के इस कदम का स्वागत करती है।

बता दें कि इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने न्यायाधीशों द्वारा जतायी गयी चिंता को ‘‘बेहद महत्वपूर्ण’’ बताते हुए न्यायमूर्ति बी एच लोया की रहस्यमय मौत की जांच की मांग की थी। लोया की मौत 2014 में तब हुई थी जब वह सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे थे जिसमें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आरोपी थे लेकिन बाद में बरी हो गए। राहुल ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि चारों न्यायाधीशों ने बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है। इन पर गहराई से ध्यान देने की जरूरत है।’’

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