भारत के 100वें  सैटलाइट का सफल प्रक्षेपण

भारत के 100वें सैटलाइट का सफल प्रक्षेपण

नई दिल्ली: भारत की इंडियन स्पेस रिसर्च अॉर्गनाइजेशन (ISRO) ने अपना 100वां सैटलाइट सफलतापूर्वक स्पेस में लॉन्च कर दिया है। PSLV C-40 अपने साथ सबसे भारी कार्टोसैट 2 सीरीज के उपग्रह के अलावा 30 अन्य सैटलाइट लेकर अंतरिक्ष में उड़ गया है। कुल 31 उपग्रहों में से तीन भारतीय हैं और 28 छह देशों से हैं: कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अमेरिका। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह 9.29 मिनट पर ये सैटलाइट छोड़े गए। इसरो के चीफ एएस किरण ने कहा कि पिछले पीएसएलवी के दौरान कुछ समस्याएं आई थीं, लेकिन आज हुए लॉन्च ने साबित कर दिया कि उन समस्याओं को पूरी तरह सुलझा लिया गया है। यह देश को नए साल का तोहफा है।

ये है खासियत: चौथे चरण के पीएसएलवी-सी-40 की ऊंचाई 44.4 मीटर और वजन 320 टन है। पीएसएलवी के साथ 1332 किलो वजनी 31 उपग्रह एकीकृत किए गए हैं ताकि उन्हें लॉन्च के बाद पृथ्वी की ऊपरी कक्षा में तैनात किया जा सके। सैटेलाइट केंद्र निदेशक एम. अन्नादुरई ने मंगलवार को बताया, “माइक्रोउपग्रह अंतरिक्ष में भारत का 100वां उपग्रह होगा।” पृथ्वी अवलोकन के लिए 710 किलोग्राम का काटरेसेट-2 सीरीज मिशन का प्राथमिक उपग्रह है। इसके साथ सह यात्री उपग्रह भी है जिसमें 100 किलोग्राम का माइक्रो और 10 किलोग्राम का नैनो उपग्रह भी शामिल हैं। कुल 28 अंतर्राष्ट्रीय सह यात्री उपग्रहों में से 19 अमेरिका, पांच दक्षिण कोरिया और एक-एक कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन और फिनलैंड के हैं।

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