स्टेट बैंक की 1,200 से ज्यादा ब्रांचों के नाम और IFSC कोड बदले

स्टेट बैंक की 1,200 से ज्यादा ब्रांचों के नाम और IFSC कोड बदले

नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक की 1,200 से ज्यादा ब्रांचों के नाम, कोड और आईएफएससी कोड बदल गए हैं। इनमें उन बैंकों की ब्रांच भी शामिल हैं जिनका कुछ दिन पहले भारतीय स्टेट बैंक में विलय हो गया था। बैंक ने अपनी साइट पर उन ब्रांचों की पूरी लिस्ट जारी की है जिनके IFSC कोड और नाम बदल गए हैं। इनमें मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, चंडीगढ़, अहमदाबाद, जयपुर, कोलकाता, चैन्नई, हैदराबाद, पटना और भोपाल आदि की ब्रांच शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर जैसे दिल्ली के IFCI टावर की ब्रांच का नाम बदल दिया गया है। अब इसका नाम नेहरू प्लेस ब्रांच रख दिया गया है। साथ ही इसका ब्रांच कोड भी बदल गया है। पहले इसका कोड 04688 था। अब 32602 हो गया है।

वहीं इसका IFSC कोड भी अब SBIN04688 हो गया है। पहले SBIN32602 था। बैंक ग्राहक के तौर पर आपको बैंक ब्रांच की जानकारी कई जगह देनी होती है। इसमें सबसे अहम होता है IFSC कोड, इसके बिना आप कहीं से भी फंड ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे। इसी तरह अहमदाबाद की गोपीपुरा ब्रांच को अब सूरत मेन (चौक बाजार) का नाम दिया गया है। अब इसका ब्रांच कोड 488 कर दिया गया है। पहले इसका कोड 2649 था। इसी तरह इसका IFSC कोड भी बदल दिया गया है। अब इसका कोड SBIN00488 हो गया है, पहले SBIN02649 था।

आपको बता दें कि हाल ही में एसबीआई ने बल्क डिपॉजिट रेट 1 फीसदी बढ़ा दिया है। बैंक की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक एक करोड़ रुपये या उससे अधिक (बल्क डिपॉजिट) की टर्म डिपॉजिट पर एक फीसदी ज्यादा ब्याज मिलेगा। बल्क डिपॉजिट के लिए एसबीआई की यह दरें 30 नवंबर 2017 से लागू हो गई हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एक साल से भी ज्यादा समय बाद बल्क डिपॉजिट दरों में बदलाव किया है। 2 साल से कम की घरेलू बल्क टर्म डिपॉजिट पर 3.75% के मुकाबले 4.75 फीसदी और 4.25% की तुलना में 5.25% के बीच ब्याज दिया जाएगा।

वहीं अधिकतम 2 से 10 वर्ष के लिए जमा राशि पर अब 4.25% के मुकाबले 5.25% ब्याज मिलेगा। जबकि वरिष्ठ नागरिकों की ओर से 2 वर्ष से कम की थोक जमा राशि पर 5.75% तक ब्याज मिलेगा, वहीं 2 साल से 10 साल के बीच की बल्क टर्म डिपॉजिट पर 4.75% के मुकाबले 5.75% ब्याज दिया जाएगा। इस महीने की शुरुआत में एसबीआई ने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की दरों में 25 बेसिस प्लाइंट की कटौती की थी।