बलात्‍कारियों पर दया दिखाने की ज़रूरत नहीं: संजय दत्त

बलात्‍कारियों पर दया दिखाने की ज़रूरत नहीं: संजय दत्त

नई द‍िल्‍ली : बॉलीवुड अभ‍िनेता संजय दत्त ने 1993 के मुंबई बम ब्‍लास्‍ट मामले में पुणे की यरवडा जेल में कई साल गुजारे हैं. उन्‍हें अवैध ह‍थियार रखने के मामले में दोषी पाया गया था. अपनी फिल्‍म 'भूमि' के प्रमोशन में बिजी संजू बाबा का कहना है कि अगर कोई जुर्म करता है तो उसे सजा भी मिलनी चाहिए. उनके मुताब‍िक किसी बलात्‍कारी को तो बिलकुल भी दया-ममता नहीं मिलनी चाहिए.

जेल से आने के बाद संजय दत्त फिल्‍म 'भूमि' से बड़े पर्दे पर कमबैक कर रहे हैं. उनकी यह फिल्‍म पिता और बेटी के रिश्‍तों पर बनी है. इस फिल्‍म में वो एक ऐसे पिता का किरदार निभा रहे हैं ज‍िसकी बेटी के साथ कुछ ऐसा होता है कि उसकी पूरी जिंदगी तहस-नहस हो जाती है.

जब संजय दत्त से बलत्‍कारियों को सजा-ए-मौत देने के बारे में उनके व‍िचार जानने चाहे तो उन्‍होंने कहा, 'बलात्‍कार जैसे जघन्‍य अपराध करने वालों को दया दिखाने की जरूरत नहीं. बलात्‍कार एक ऐसा अपराध है जो सिर्फ हिंसक ही नहीं बल्‍कि अमानवीय भी है. बलात्‍कारियों को मौत की सजा ही मिलनी चाहिए.'