विकास से श्मशान पहुंच गए मोदी -आजम खान

विकास से श्मशान पहुंच गए मोदी -आजम खान

सुलतानपुर। कैबिनेट मंत्री आजम खान बुधवार को इसौली विधानसभा के इस्लामगंज में थे और यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अधिकतर समय तक उनके निशाने रहे। आजम खान ने कहा कि जो व्यक्ति अपनी पत्नी को पत्नी का दर्जा नहीं दे सकता उसे अपनी जबान से बेटी का नाम लेने का हक नहीं है बल्कि वो ढोंगी है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बादशाह का ये कहना कि हमने देश के लिए घर छोड़ दिया ये बात सही नहीं है। बल्कि घर भी हो देश और समाज भी। इसके बाद तार्किक पहलू पर आकर श्री खान ने कहा कि क्या तुम्हारे नबी ने शादी नहीं की? क्या रामचंद्र जी ने सीता जी से शादी नहीं की? पंडित जवाहर लाल नेहरु, इन्दिरा गांधी और विश्वनाथ प्रताप सिंह ने शादी नहीं किया? तो ये कहां के निराले पैदा हुए हैं कि सात फेरे लेने के बाद अपनी पत्नी को जीने का अधिकार नहीं दे रहे। उन्होंने कहा कि बादशाह ने तीन बड़े वादे किए थे। परिवार को नहीं, हर व्यक्ति को 15-15 लाख रुपए देगें जो आजतक नहीं मिला। दूसरा वादा हर साल 2 करोड़ नवजवानों को नौकरी दी जाएगी। ढाई साल में 5 करोड़ नवजवानों का हक बनता लेकिन अब तक 1 लाख कुछ हजार को ही नौकरी मिली है। बादशाह ने ये भी कहा था कि पूरे देश को 24 घंटे बिजली दी जाएगी ये वादा भी पूरा नहीं हुआ। मंत्री ने कहा मोदी जी बादशाह झूठ नहीं बोलता और झूठा बादशाह नहीं होता।

’राकेट-मिसाइल के विकास की बात कर कब्रिस्तान और श्मशान पर आ गए’

वहीं आजम खान ने कब्रिस्तान और श्मशान वाले प्रधानमंत्री के बयान पर कहा कि झूठ का जमाना इतना आ गया है और इतने परेशान हो गए हैं कि चले थे राकेट और मिसाइल के विकास की बात करते हुए और आ गए कब्रिस्तान और श्मशान पर, और फिर तंज कसते हुए कहा वाह बादशाह वाह छोटा मुंह बड़ी बात सुनी थी बड़ा मुंह छोटी बात पहली बार सुना। फिर सामने खड़े लोगों से उन्होंने कहा आपको त्योहारों और श्मशान के नाम पर बाट रहे हैं लेकिन ये तुम्हारी जिम्मेदारी है कि ऐसा मजबूत पुल बनाओ कि इधर से हिंदू चढ़े उधर से मुसलमान और ऊपर जाकर दोनों एक दूसरे के गले लग जाओ।

’शोहरत के लिए उठाया नोटबंदी का कदम’

नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर प्रहार करते हुए आजम खान ने कहा कि बहुत छोटी सी शोहरत के लिए ये कदम उठाया गया, ये बताए नोटबंदी से कौन सा नुकसान नहीं हुआ? 200 से ज्यादा लोग लाइन में लगकर मर गए, बेटी के हाथ पीले नहीं हुए मां लाइन में लगी रही। पैसे नहीं मिले घर वापस आई मां ने जहर खाकर जान दे दिया। मां की लाश देखकर बेटी ने फंदा लगा लिया और दुल्हन बनने के बजाए घर से जनाजा निकला। बादशाह इनकी मौत का जिम्मेदार कौन है? याद रखना जमीन वाले इसका इंसाफ लेना चाहे तो लें वरना जब जमीन वाले इंसाफ नहीं करते तो आसमान वाला इंसाफ करता है।

मुझसे भी झगड़ा करते है अबरार

आजम खान ने प्रत्याशी अबरार अहमद को जिताने की अपील करते हुए कहा कि वह झगड़ालु है। मुझसे भी झगड़ा करते है, लेकिन यह झगड़ा वह अपने लिए नही बल्कि अपने लोगो के लिए करते है। आजम खान ने कहा कि इस बार दोबारा जिताइए जिससे अबरार अपना टूटा हाथ ठीक करवा सके।

मेरे बुलाने से नही आएगे वो

आजम खान ने रैली में सपा छोड़कर बसपा में शामिल हुए पूर्व लोकसभा प्रत्याशी शकील और पूर्व सांसद मो. ताहिर खा का बिना नाम लिए कहा कि अब उन्हे अल्लाह हु अकबर की बजाय जय भीम कहना पड़ेगा। उन्होने ने कहा कि जब पेरशान हो जाएगे तो वह फिर सपा में शामिल होगे।

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