सोहराबुद्दीन केस: शाह के बाद कटारिया भी बरी

सोहराबुद्दीन केस: शाह के बाद कटारिया भी बरी

मुंबई। गुजरात के चर्चित सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले में राजस्थान के पूर्व गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया को सीबीआई की विशेष कोर्ट ने गुरूवार को राहत दी है। इस मा मले में आरोपी बनाए गए कटारिया को कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है। कोर्ट के फैसले के बाद कटारिया ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा था कि कोरट् सभी आरोपों से मुक्त कर देगा। कटारिया पर आरोप लगाया गया था कि इन्होंने राजस्थान की मार्बल लॉबी के इशारे पर सोहराबुद्दीन की हत्या को अंजाम दिया था। इन पर हत्या, सबूतों को मिटाने और आपराधिक साजिश रचने के मामले चल रहे थे। 

कटारिया के साथ ही मुंबई स्थित सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने मार्बल सरगना विमल पाटनी को भी आरोपों से मुक्त कर दिया गया है। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई क रते हुए कहा कि इनके खिलाफ "पुख्ता" सबूत नहीं हैं। अभियोजन पक्ष के मुताबिक सोहराबुद्दीन ने मार्बल सरगना पाटनी से 24 करोड़ रूपए की फिरौती मांगी थी, जिसकी वजह से उसकी हत्या कर दी गई। 

गौरतलब है कि पिछले छह महीनों में इस मामले के सभी आरोपी एक के बाद एक बरी हो रहे हैं। इससे पहले गुजरात के पूर्व गृहमंत्री और मौजूदा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को दिसंबर 2014 में कोर्ट ने बरी किया था। इनके बाद हालही में पुलिस अधिकारी डीजी वंजारा को जमानत दी गई है। 

सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और तुलसी प्रजापति की हत्या साल नवंबर 2005 में की गई थी। इस मामले की जांच कर रही सीबीआई का कहना है कि गुजरात के आतंक विरोधी दस्ते ने उनकी हत्या फर्जी मुठभेड़ में की है

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